रामनवमी, मांसाहार, एफआईआर और जेएनयू , जानिए मामला

जुबिली न्यूज डेस्क

एक बार फिर जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी चर्चा में है। जैसा कि पहले की ही तरह वामपंथी छात्र संगठन आइसा और हिंदूवादी छात्र संगठन एबीवीपी एक दूसरे के सामने हैं।

जेएनयू में रविवार की शाम को वामपंथी छात्र संगठन आइसा और हिंदूवादी छात्र संगठन एबीवीपी ने एक दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाया।

दरअसल छात्र संगठनों के बीच ये झगड़ा यूनिवर्सिटी मेस में मांसाहारी खाने को लेकर हुआ है। वामपंथी छात्र संगठनों का आरोप है कि एबीवीपी के कार्यकर्ता यूनिवर्सिटी के कावेरी हॉस्टल की मेस में मांसाहारी भोजन का विरोध कर रहे थे।

छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) की ओर से एक ट्वीट में दावा किया गया कि एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने हमला किया जिसमें कई छात्र घायल हुए हैं।

छात्रों के बीच हुई झड़प के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। छात्र संगठनों ने बताया है कि उन्होंने पुलिस से शिकायत की थी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस में जेएनयू छात्रसंघ, एसएफआई, डीएसएफ और आइसा के छात्रों के समूह ने सोमवार सुबह एबीवीपी के अज्ञात छात्रों के खिलाफ शिकायत दी है।

शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने आईपीसी की धारा 321,341, 509, 506 और 34 के तहत एफ़आईआर दर्ज की है।

पुलिस के मुताबिक एबीवीपी के छात्रों की ओर से भी ये सूचित किया गया है कि वे सोमवार सुबह शिकायत दर्ज करेंगे। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि शिकायतों के आधार पर जरूरी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं एबीवीपी की तरफ से ट्विटर पर जानकारी दी गई है कि वामपंथी छात्र संगठन के हमले में उनके कार्यकर्ता रवि राज को गंभीर चोट लगी है।

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जेएनयू में एबीवीपी से जुड़े रोहित ने कहा, “वामपंथी और कम्यूनिस्ट विचारधारा के छात्रों ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं और आम छात्रों पर हमला किया है।”

वहीं जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष ने ट्विटर पर वीडियो पोस्ट करते हुए दावा किया है कि एबीवीपी के छात्रों ने जेएनयू में रहने वाले छात्रों को मांसाहारी भोजन करने से रोकने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया है कि एबीवीपी ने हॉस्टल के मेस सेक्रेट्री पर भी हमला किया है।

आइशी घोष ने सवाल किया, “एबीवीपी के गुंडे हमें ये बताने वाले कौन हैं कि हम क्या खाएंगे और क्या नहीं खाएंगे?”

उन्होंने ट्विटर पर सवाल पूछा, “जेएनयू के प्रशासन ने छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम क्यों नहीं किए?”

मधुरिमा नाम की एक छात्रा ने कहा कि हॉस्टल में रविवार के दिन छात्रों को मांसाहारी खाना मिलता है और छात्र ये तय कर सकते हैं कि उन्हें क्या खाना है और क्या नहीं।

मधुरिमा ने बताया, ” हॉस्टल में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने मीट सप्लाई को रोक दिया और वहां के मेस सचिव से मारपीट की।”

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मधुरिमा ने कहा, “पहले एबीवीपी और छात्रों के बीच दोपहर में मारपीट हुई और फिर वो शाम को आठ बजे के करीब दोबारा आए और छात्रों को बुरी तरह मारा पीटा।”

मधुरिमा ने दावा किया कि इस हमले में उन्हें भी चोट आई है। वहीं एबीवीपी से जुड़ी एक छात्रा दिव्या ने बयान जारी करके कहा है कि छात्र रामनवमी की पूजा कर रहे थे जिस पर वामपंथी छात्रों ने हमला किया।

दिव्या ने दावा किया, “हम कावेरी हॉस्टल में रामनवमी की पूजा में गए थे। मैं आज उपवास पर थी। अचानक कुछ वामपंथियों ने हम पर हमला किया। मेरे हाथ में चोट आई है। मुझे पता भी नहीं है कि ये हमला क्यों हुआ है।”

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