स्पेशल डेस्क
विश्व कप शुरू हुए 12 दिन से ज्यादा का वक्त हो गया है। विश्व कप विश्व क्रिकेट की सबसे बड़ी प्रतियोगिता मानी जाती है। इस बड़ी प्रतियोगिता में मैदान पर खिलाड़ी दम-खम दिखाने को बेताब रहते हैं लेकिन बारिश मैदान का खेल बिगाड़ रही है।

मैदान पर खिलाडिय़ों की भूमिका से ज्यादा बारिश की भूमिका नजर आ रही है। दो दिन की लगातार बारिश के बाद गुरुवार को हालात फिर वैसे नजर आये और नॉटिंघम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले मुकाबला फिर बारिश की वजह से नहीं हो सका। आलम तो यह रहा कि टॉस तक नहीं हो सका। कई बार अम्पायरों ने मैदान का दौरा किया लेकिन मैदान खेलने लायक नहीं था। इसके बाद से लोग इसे विश्व कप नहीं बल्कि रेन कप कहने लगे हैं। इंग्लैंड का मौसम इस समय बारिश की चपेट में और इसकी जद में अब तक 4 मुकाबले आ गए है।

पहला मुकाबला सात जून को पाकिस्तान और श्रीलंका का मैच रद्द करना। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका-वेस्टइंडीज का मैच 7.3 ओवरों हुआ था कि बारिश आ गई और इसके बाद मैच नहीं हो सका। इसके बाद 11 जून को बारिश की वजह से ब्रिस्टल में श्रीलंका और बांग्लादेश मुकाबला भी बारिश की वजह से नहीं हो सका। इसके आलावा श्रीलंका बनाम अफगान मुकाबले में भी बारिश से प्रभावित रहा है मैच। इसके बाद अब लोग मान रहे हैं कि अगर बारिश खिताबी जंग में आ गई तो फिर विश्व कप क्या होगा।
हालांकि सेमीफाइनल और फाइनल के लिए रिजर्व डे रखा गया है लेकिन मैच नये सिरे से नहीं होगा जबकि ग्रुप मैचों के लिए कोई रिजर्व डे नहीं रखा गया है। अगर सेमीफाइनल बारिश की वजह से नहीं हुआ तो लीग चरण के दौरान उनमें से ऊंची रैंक वाली टीम फाइनल के लिए क्वालिफाई कर जाएगी। अगर फाइनल रिजर्व डे पर बारिश की वजह से नहीं होता है तो दोनों टीमें ट्रॉफी साझा करेंगी। ऐसे में क्रिकेट के जानकर विश्व कप के कार्यक्रम पर सवाल उठा रहे हैं और कह रहे है कि आईसीसी को इसपर गौर करना चाहिए।
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