जुबिली न्यूज डेस्क
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को विवादों के बाद सदन में भाषण दिया। कांग्रेस सांसद ने इस दौरान अमेरिका के दबदबे को चुनौती देने और केंद्र सरकार पर कटाक्ष करने के साथ-साथ भारत की डेटा और आर्थिक शक्ति पर जोर दिया।

राहुल गांधी के मुख्य बिंदु
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उन्होंने कहा कि हम जियोपॉलिटिकल टकराव की दुनिया में जी रहे हैं।
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अमेरिका के दबदबे को चीन, रूस और अन्य ताकतें चुनौती दे रही हैं।
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उन्होंने यह भी कहा कि हम एनर्जी और फाइनेंशियल हथियारों की दुनिया में हैं।
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डेटा को भारत की ताकत बताते हुए, राहुल ने कहा कि अमेरिका इस पर नजर रख रहा है।
अस्थिर दुनिया का हवाला
राहुल गांधी ने दुनिया भर में चल रहे संघर्षों का जिक्र किया:
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यूक्रेन और गाजा में युद्ध
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मिडिल ईस्ट में तनाव
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ईरान में संभावित युद्ध खतरा
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भारत में ऑपरेशन सिंदूर
उनका कहना था:“हम अस्थिरता की दुनिया में जी रहे हैं। डॉलर को चुनौती दी जा रही है। हम एक सुपरपावर वाली दुनिया से किसी नई दुनिया की ओर बढ़ रहे हैं, जिसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।”
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आर्थिक सर्वे पर टिप्पणी
राहुल ने इकोनॉमिक सर्वे का हवाला देते हुए दो प्रमुख बातें साझा की:
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वैश्विक स्तर पर जियोपॉलिटिकल टकराव बढ़ रहा है।
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आर्थिक और ऊर्जा हथियारों की दुनिया में हम स्थिरता से अस्थिरता की ओर बढ़ रहे हैं।
राहुल गांधी ने लोकसभा में अपने भाषण में वैश्विक अस्थिरता, डॉलर के दबदबे और भारत की डेटा शक्ति को लेकर केंद्र सरकार और अमेरिका पर निशाना साधा। उनका यह बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति और आर्थिक रणनीति के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा।
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