पंजाब चुनाव 2027: नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी का धमाका, लॉन्च की ‘भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी

चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से ठीक एक साल पहले राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। 6 अप्रैल की देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर उन्होंने अपनी नई पार्टी ‘भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी’ (Bhartiya Rashtrawadi Party) की घोषणा कर पंजाब के सियासी समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है।
‘राष्ट्रीय विकल्प’ की तैयारी: क्या है नवजोत कौर का विजन?
लंबे समय से राजनीति में हाशिए पर चल रहे सिद्धू परिवार ने अब सीधे तौर पर ‘तीसरे मोर्चे’ की कमान संभालने का संकेत दिया है। डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने अपनी पोस्ट में लिखा कि वे एक ऐसे नए विकल्प पर काम कर रही हैं जो जनता की उम्मीदों पर खरा उतर सके।
उन्होंने पार्टी के गठन के पीछे चार मुख्य स्तंभ बताए हैं:
- क्षमता (Capacity)
- आत्मविश्वास (Confidence)
- साहस (Courage)
- दृढ़ संकल्प (Determination)
“पंजाब का खोया हुआ गौरव लौटाएंगे” – आध्यात्मिक राजनीति का दांव
डॉ. सिद्धू ने अपनी नई पार्टी को केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक आंदोलन के रूप में पेश किया है। उन्होंने लिखा:
“हम पंजाब को उसका खोया हुआ गौरव वापस दिलाएंगे। हमारा लक्ष्य एक ऐसा स्वर्णिम राज्य बनाना है जहाँ लोग प्रेम, न्याय और निस्वार्थ सेवा के साथ जिएं। यह सरकार पंजाब की जनता की, जनता के लिए और जनता द्वारा होगी।”
दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने ‘आध्यात्मिक गुरुओं’ की सहायता से “लोगों की घायल आत्माओं को ठीक करने” की बात कही है, जो पंजाब की राजनीति में एक नया और अनूठा प्रयोग माना जा रहा है।
सिद्धू परिवार का ‘प्लान बी’ और कांग्रेस की टेंशन
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि कांग्रेस से लगातार अनबन और किनारे किए जाने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी पत्नी के जरिए यह ‘पावर प्ले’ खेला है।
- सिद्धू का चेहरा: हालांकि पार्टी का ऐलान डॉ. नवजोत कौर ने किया है, लेकिन माना जा रहा है कि पर्दे के पीछे से मुख्य रणनीतिकार नवजोत सिंह सिद्धू ही होंगे।
- वोट बैंक पर असर: ‘भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी’ के आने से कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लग सकती है।
- मिशन 2027: पंजाब की जनता अब तक अकाली दल, कांग्रेस और आप को देख चुकी है, ऐसे में ‘राष्ट्रवाद’ और ‘आध्यात्मिकता’ का तड़का क्या सिद्धू परिवार को सत्ता दिला पाएगा?
क्या पंजाब में चलेगा ‘राष्ट्रवादी’ कार्ड?
डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने स्पष्ट किया है कि वे समान विचारधारा वाले लोगों को साथ लेकर चल रही हैं। उन्होंने ‘वाहेगुरु’ के मार्ग पर चलते हुए न्याय और शांति प्रदान करने का संकल्प लिया है। अब देखना यह होगा कि पंजाब की सियासत में ‘सिद्धू’ नाम का यह नया तूफान आगामी चुनावों में कितनी बड़ी सुनामी लेकर आता है।



