सरकार बनाने के लिए एग्जिट पोल की सियासत

प्रमुख संवाददाता

लखनऊ. बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत गर्म है. सभी राजनीतिक दल अपनी पूरी ताकत चुनाव जीतने के लिए झोंके हुए हैं. एक तरफ राजनीतिक दल अपनी पूरी ताकत चुनाव जीतने के लिए लगा रहे हैं तो दूसरी तरफ टीवी चैनलों ने एग्जिट पोल दिखाना शुरू कर दिया है.

अब तक सभी चरणों के मतदान के बाद एग्जिट पोल का नियम था लेकिन इस बार टीवी चैनलों पर बाकायदा सरकार बननी शुरू हो गई है.

चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र एग्जिट पोल को लेकर जो दिशा निर्देश जारी किये हैं उसमें कहा गया है कि 28 अक्टूबर 2020 को सुबह सात बजे से सात नवम्बर 2020 को मतदान हो जाने तक किसी भी तरह का एग्जिट पोल नहीं किया जाएगा. ज़ाहिर है कि चुनाव आयोग ने खुद यह छूट दे दी है कि मतदान के एक दिन पहले तक एग्जिट पोल दिखाए जा सकते हैं.

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यह बात पूरी तरह से स्पष्ट है कि एग्जिट पोल मतदाताओं की मन:स्थिति तैयार करने में सहायक होते हैं. इसी वजह से अब तक मतदान होने तक किसी भी चैनल या अखबार में एग्जिट पोल की मनाही होती है. चुनाव आयोग के निर्देशों को देखा जाए तो इस नियम का पालन नहीं करने वाले प्रिंट या इलेक्ट्रानिक मीडिया पर एक निश्चित समय के लिए प्रतिबन्ध लगाया जा सकता है.

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