इस मामले में भी शिवपाल की पार्टी अखिलेश से आगे निकली

स्पेशल डेस्क

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के दो सबसे बड़े सियासी चेहरे अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के बीच इस समय रार चल रही है। हालांकि दोनों के बीच रिश्ते अब बेहद खराब हो चुके हैं।

दोनों की जुब़ानी जंग भी रूकने का नाम नहीं ले रही है। हालांकि बीच-बीच में ये खबर आती रहती है कि दोनों के बीच सुलह हो सकती है लेकिन हर बार यह केवल अफवाह रहती है।

आलम तो यह है कि दोनों नेता अपने राजनीतिक भविष्य को बचाने के लिए जोरदार संघर्ष कर रहे हैं और जनता का सच्चा हमदर्द बताने के लिए दोनों नेताओं के बीच रोचक प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। झांसी एनकाउंटर को लेकर यूपी की सियासत गर्मा गई है।

पुष्पेन्द्र के परिजनों से मिलने के लिए अखिलेश यादव से पहले शिवपाल यादव के पुत्र आदित्य यादव ने झांसी मंगलवार को पहुंचकर पुष्पेन्द्र के परिजनों से मुलाकात की जबकि अखिलेश यादव बुधवार की दोपहर को पहुंचे हैं। आदित्य यादव ने कहा कि ये एनकाउंटर नहीं हत्या है। लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है।

घूसखोरी को छिपाने के लिए एक बेगुनाह को पुलिस ने मार डाला और बाद में करतूत पर पर्दा डालने के लिए हत्या को मुठभेड़ की शक्ल दे दी। अखिलेश ने परिवार वालों से कहा कि हम संघर्ष करेंगे और आपको न्याय दिलाएंगे। अखिलेश बुधवार को पुष्पेन्द्र के परिजनों से मिलने झांसी पहुंचे हैं।

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