गाजियाबाद के गुरुद्वारे ने कोरोना मरीजों के लिए लगाया ‘ऑक्सीजन लंगर’

जुबिली न्यूज डेस्क

देश के कई राज्यों में ऑक्सीजन को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। दिल्ली, लखनऊ, मुंबई से लेकर कई शहरों से ऑक्सीजन न मिलने के कारण कई मरीजों ने दम तोड़ दिया।

इस आपदा की घड़ी में गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा संकटमोचन बनकर सामने आया है।

गुरुद्वारे की ओर से कोविड मरीजों के लिए ‘ऑक्सीजन लंगर’ शुरू किया गया है और उसने बीमार लोगों को अस्पताल में बेड्स मिलने तक अपने परिसर में ऑक्सीजन आपूर्ति का वादा किया है।

गुरुद्वारे के प्रबंधक गुरप्रीत सिंह रम्मी ने कहा कि हम ऑक्सीजन सिलेंडर देने या भरने का काम नहीं कर रहे। लोगों से हम कह रहे हैं कि वे अपने मरीजों को वाहन के साथ इंदिरापुरम गुरुद्वारे में आएं और हम उन्हें ऑक्सीजन उपलब्ध कराएंगे।

रम्मी ने कहा कि दो घंटे की बात हो, चार या आठ घंटे की बात हो, मरीज को हम तब तक ऑक्सीजन उपलब्ध कराएंगे जब तक कि उसे अस्पताल में बेड नहीं मिल जाता।

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उन्होंने कहा कि मेरी गाजियाबाद के डीएम और सांसद वी.के.सिंह जी से अपील है कि आप हमें बैकअप के लिए 20-25 ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराएं, 25 सिलेंडर से हम 1,000 लोगों की जिंदगी बचाएंगे।

मालूम हो कि कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या की वजह से अस्पतालों पर बोझ बढ़ गया है। अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन, वेंटीलेटर और जरूरी दवाइयों की कमी बनी हुई है। मरीज इस अस्पताल से उस अस्पताल दौड़ रहे हैं लेकिन उन्हें कहीं जगह नहीं मिल रही है।

मरीजों को सबसे ज्यादा ऑक्सीजन के लिए भटकना पड़ रहा है। पूरे देश में ऑक्सीजन का संकट है। पहले से ऑक्सीजन की कमी झेल रहे अधिकांश अस्पताल अब ऑक्सीजन की आवश्यकता वाले नए मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे हैं।

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ऐसे हालात में लोगों को अपनों की जान बचाने के लिए खुद ही इधर-उधर से ऑक्सीजन की व्यवस्था के लिए भटकना पड़ रहा है।

गाजियाबाद जिले में 34 अस्पतालों में कोविड के मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इन अस्पतालों में 900 मरीज ऑक्सीजन के सहारे कोरोना को मात देने का प्रयास कर रहे हैं।

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हालांकि बेड की कमी को देखते हुए प्रशासन ने आठ और कोविड अस्पताल बनाए हैं। इनसे मरीजों को राहत मिलेगी। जिन मरीजोंं को सांस लेने में दिक्कत हो ही हैं उन्हें अस्पतालों में ऑक्सीजन वाले बेड नहीं मिल रहे हैं। वहीं जो मरीज भर्ती हैं उनके लिए भी ऑक्सीजन की मात्रा कम पड़ रही है।

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