कृषि कानून वापस होने पर विपक्ष ने कहा- किसान जीता, अहंकार हारा

जुबिली न्यूज डेस्क

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कृषि कानून वापस लेने के फैसले को विपक्षी दलों ने किसानों की बड़ी जीत बताया है। विपक्षी दलों ने किसानों को बधाई दी है।

किसान आंदोलन के कारण मोदी सरकार और भाजपा को लगातार विरोध का सामना करना पड़ रहा था। पिछले एक साल से किसानों का आंदोलन चल रहा है और चुनावों में अब इसका असर दिखने लगा था।

मोदी सरकार के फैसले पर कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा है कि टूट गया अभिमान, जीत गया मेरे देश का किसान।

वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व टीएमसी मुखिया ममता बनर्जी ने भी किसानों को बधाई दी है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा है-
हर एक किसान को जिसने संघर्ष किया और जिस तरह का सुलूक आपके साथ @BJPyIndia ने किया आप उससे विचलित नहीं हुए।
यह आपकी जीत है! इस लड़ाई में अपने प्रियजनों को खोने वाले सभी लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है।

एनसीपी नेता व मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि साल भर तक किसान डटे रहे, उन पर तमाम तरह के आरोप लगाए गए लेकिन सात साल में पहली बार मोदी सरकार को झुकना पड़ा है।

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उन्होंने कहा कि इससे यह संदेश गया है कि देश एकजुट हो तो सरकार को झुकाया जा सकता है। वहीं आरजेडी नेता मनोज झा ने कहा कि वे किसानों और पूरे देश को बधाई देते हैं।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी तीनों कृषि क़ानूनों को वापस लेने पर तंज करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को निशाने पर लिया।

ओवैसी ने एक शेर में लिखा है, दहन पर हैं उन के गुमां कैसे-कैसे, कलाम आते हैं दरमियां कैसे-कैसे, जमीन-ए-चमन गुल खिलाती है क्या-क्या, बदलता है रंग आसमां कैसे-कैसे।”

ओवैसी ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा है, ”कृषि कानून शुरू से ही असंवैधानिक था। सरकार के अहंकार के कारण किसानों को सड़क पर उतरना पड़ा। अगर सरकार बाल हठ नहीं करती तो 700 से ज़्यादा किसानों की जान नहीं जाती। किसान आंदोलन को बधाई। पंजाब और उत्तर प्रदेश में बीजेपी की पतली हालत को देखते हुए मोदी के पास और कोई विकल्प नहीं था।”

वहीं पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस ऐलान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है। अमरिंदर ने कहा था कि कृषि कानून वापस होने पर वे बीजेपी के साथ गठबंधन कर चुनाव मैदान में उतरेंगे।

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पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि इस काम में इतना समय नहीं लगना नहीं चाहिए था और आखिरकार प्रधानमंत्री ने इस बात को महसूस किया कि देश प्रजातंत्र के आधार पर चलता है न कि संख्या बल के आधार पर।

‘किसानों से माफी मांगे सरकार’ 

मोदी के ऐलान के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, आज प्रकाश दिवस के दिन कितनी बड़ी ख़ुशख़बरी मिली। तीनों क़ानून रद्द। 700 से ज़्यादा किसान शहीद हो गए। उनकी शहादत अमर रहेगी। आने वाली पीढयि़ाँ याद रखेंगी कि किस तरह इस देश के किसानों ने अपनी जान की बाज़ी लगाकर किसानी और किसानों को बचाया था। मेरे देश के किसानों को मेरा नमन

वहीं दिल्ली सरकार के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कि आज किसानों और लोकतंत्र की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को उन किसानों के परिवारों से माफी मांगनी चाहिए जिन्होंने इस आंदोलन में अपनी जान गंवाई है।

सिसोदिया ने कहा कि आखिर सरकार किसानों को समझा क्यों रही थी, जबकि किसान ही खेती को सबसे बेहतर ढंग से समझता है। सिसोदिया ने कहा कि किसान आंदोलन पूरी तरह अहिंसक रहा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि कानून वापस लेने का एलान शुक्रवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में किया। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने किसानों की भलाई के लिए ये कानून बनाए थे और इनकी मांग कई सालों से की जा रही थी, लेकिन किसानों का एक वर्ग लगातार इसका विरोध कर रहा था, इसे देखते हुए ही सरकार इस महीने के अंत में शुरू होने जा रहे संसद सत्र में इन कृषि कानूनों को रद्द करने की प्रक्रिया को पूरा कर देगी।

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