अब ग्राम पंचायत सचिवों की लगेगी ऑनलाइन हाजिरी, बिना कारण गायब रहने पर होगी कार्रवाई

जुबिली न्यूज डेस्क

उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों में अनुशासन और जवाबदेही बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब ग्राम पंचायत सचिव (सेक्रेटरी) और ग्राम विकास अधिकारी (VDO) को अपनी ऑनलाइन हाजिरी लगानी होगी। शासन ने स्पष्ट किया है कि जो अधिकारी बिना कारण गांवों से अनुपस्थित रहेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

शासन ने दिए सख्त निर्देश

प्रदेश शासन ने निदेशक पंचायती राज और आयुक्त ग्राम विकास को निर्देश जारी किए हैं कि प्रदेश भर के ग्राम पंचायतों में तैनात सभी सचिवों और अधिकारियों की उपस्थिति अब डिजिटल माध्यम से दर्ज की जाए।
इसका उद्देश्य ग्रामीण विकास योजनाओं की निगरानी को मजबूत करना और फील्ड लेवल पर जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

क्यों उठाया गया यह कदम

राज्य सरकार को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई ग्राम पंचायत सचिव बिना सूचना गांवों से गायब रहते हैं, जिससे योजनाओं का कार्यान्वयन प्रभावित होता है।गांवों में स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, और मनरेगा जैसी योजनाओं के कार्यों में देरी और निगरानी की कमी की मुख्य वजह अधिकारी-कर्मचारियों की लापरवाही बताई जा रही थी।

ऑनलाइन हाजिरी सिस्टम से क्या होगा फायदा

  • अधिकारी की लोकेशन और समय की जानकारी वास्तविक समय (real-time) में उपलब्ध होगी।

  • ग्राम स्तर पर योजनाओं की निगरानी और रिपोर्टिंग पारदर्शी होगी।

  • जो सचिव लगातार अनुपस्थित रहेंगे, उनका रिकॉर्ड स्वतः तैयार होगा और कार्रवाई में आसानी होगी।

  • विभागीय अफसर अब अपने मोबाइल या डैशबोर्ड से ही फील्ड स्टाफ की उपस्थिति मॉनिटर कर सकेंगे।

सरकार की मंशा

ग्रामीण विकास विभाग का मानना है कि यह कदम ग्राम पंचायतों के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करेगा और भ्रष्टाचार तथा लापरवाही पर लगाम लगाएगा।शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया —“सरकार चाहती है कि ग्राम सचिव और विकास अधिकारी गांवों में मौजूद रहें, जनता से जुड़ें और योजनाओं की प्रगति सुनिश्चित करें। ऑनलाइन हाजिरी से पारदर्शिता और जिम्मेदारी दोनों बढ़ेंगी।”

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उत्तर प्रदेश सरकार की इस नई व्यवस्था से अब ग्राम पंचायतों में कामकाज पर सीधी निगरानी संभव होगी।
बिना कारण गांवों से गायब रहने वाले सचिवों की जवाबदेही तय होगी, और विकास कार्यों की गति में सुधार आने की उम्मीद है।

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