धोनी नहीं तो ‘क्रेज’ नहीं! इकाना में अपनी ही टीम से बेरुखी दिखा रहे लखनवी प्रशंसक

लखनऊ। नवाबों के शहर लखनऊ का इकाना स्टेडियम इन दिनों आईपीएल के रोमांच से महरूम नजर आ रहा है। लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के बीच होने वाले मुकाबले को लेकर आयोजकों को उम्मीद थी कि स्टैंड्स ‘हाउसफुल’ रहेंगे, लेकिन हकीकत इसके उलट रही।

स्टेडियम के कई हिस्से खाली नजर आए और दर्शकों का वो शोर गायब था जो कभी इकाना की पहचान हुआ करता था।

इकाना स्टेडियम में हमेशा से ही चेन्नई के मैच का मतलब होता था ‘धोनी का जादू’। पिछले सीजनों में जब भी माही यहाँ आए, पूरा स्टेडियम पीले रंग में रंग गया था।

लेकिन इस बार जैसे ही प्रशंसकों को पता चला कि महेंद्र सिंह धोनी इस मुकाबले का हिस्सा नहीं हैं, क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह ठंडा पड़ गया। आलम यह है कि जहाँ कभी टिकटों के लिए मारामारी होती थी, वहां अब महज 25 से 30 हजार दर्शक ही पहुंच रहे हैं।

प्रशंसकों की इस बेरुखी की एक बड़ी वजह लखनऊ सुपर जायंट्स का निराशाजनक प्रदर्शन भी है। मौजूदा सत्र में लखनऊ की टीम अंक तालिका में सबसे निचले पायदान पर है।

अपनी होम टीम को लगातार पिछड़ते देख स्थानीय दर्शकों ने स्टेडियम से दूरी बना ली है। शहर में टीम को लेकर वो ‘होम ग्राउंड’ वाला जुड़ाव नजर नहीं आ रहा है, जो अन्य शहरों में अपनी टीमों के लिए दिखता है।

हैरानी की बात यह है कि लखनऊ के दर्शकों में अपनी टीम से ज्यादा दूसरी टीमों के स्टार खिलाड़ियों को लेकर उत्साह है:

  • वैभव सूर्यवंशी का जादू: राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच में युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को देखने के लिए करीब 35 हजार दर्शक जुटे थे।
  • विराट कोहली की हाइप: विराट कोहली के मैच को लेकर टिकटों के दाम एक लाख रुपये तक पहुंचने की चर्चा थी, लेकिन मैदान पर वह भीड़ नजर नहीं आई और कई स्टैंड्स खाली ही रहे।

इकाना स्टेडियम का खालीपन यह साफ संदेश दे रहा है कि लखनऊ में क्रिकेट का बाजार फिलहाल केवल ‘बड़े नामों’ और ‘जीत’ के भरोसे है। जब तक LSG अपने खेल में सुधार नहीं करती या मैदान पर धोनी जैसा कोई बड़ा सितारा नहीं उतरता, तब तक इकाना की कुर्सियां दर्शकों का इंतजार ही करती रहेंगी।

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