नीतीश कुमार ने बताया क्यों छोड़ी NDA?

जुबिली स्पेशल डेस्क

पटना। बिहार में हाल के दिनों में सियासी उठापटक खूब देखने को मिली। इतना नहीं कल तक जो नीतीश कुमार एनडीए के साथ हुआ करते थे उन्होंने 10 अगस्त को पाला बदल लिया और भाजपा का साथ छोडक़र महागठंबधन के साथ चले गए और नई सरकार का गठन भी कर लिया।

अब वह अपनी नई सरकार का बहुमत साबित कर दिया। बिहार विधान सभा में महागठंबधन ने बड़ी आसानी से विश्वास मत भी हासिल कर लिया। इस दौरान नीतीश सरकार के पक्ष में 160 वोट पड़े वहीं विपक्ष में एक भी वोट नहीं पड़ा।

वहीं नीतीश कुमार ने आज जमकर बीजेपी पर हमला बोला है। उन्होंने खुलासा किया है कि आखिर क्यों उन्होंने एनडीए से अपना रिश्ता तोड़ा है। उन्होंने विधानसभा में बोलते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी और आडवाणी जैसे नेताओं ने मुझे सम्मान दिया था।  मैंने भाजपा से ताल्लुक 2013 में तब खत्म किया, जब इन नेताओं को किनारे लगाया जाने लगा था। इस दौरान नीतीश कुमार ने पीएम मोदी पर भी तगड़ा प्रहार किया। नीतीश कुमार ने 2024 को लेकर भी साफ शब्दों में कहा कि एकजुट विपक्ष ही पीएम नरेंद्र मोदी को चुनौती देगा।

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उन्होंने विधान सभा में भाजपा के ज्यादा सीटें जीतने के बाद भी खुद के सीएम बनने पर भी जवाब देते हुए कहा कि सिर्फ 2020 की बात ही क्यों करते हैं। उससे पहले के चुनावों को भी याद करें, जब भाजपा के मुकाबले जेडीयू ने ज्यादा सीटें हासिल की थीं।

नीतीश कुमार ने कहा कि मैं मांग की थी कि पटना यूनिर्विसटी को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दे दिया जाए, लेकिन इस मांग को स्वीकार ही नहीं किया गया। नीतीश कुमार ने कहा कि जब देश आजादी की जंग लड़ रहा था तो भाजपा वाले कहां थे? क्या ये लोग इस बात का जवाब दे सकते हैं।

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