नौकरी के बाद अब JOB हायरिंग पर कोरोना की नजर

जुबिली स्पेशल डेस्क

देश में कोरोना वायरस कम होने का नाम नहीं ले रहा है। कोरोना के चलते पूरी दुनिया थम गई है। इस वजह से लोगों को दो वक्त रोटी जुटा पाना हो रहा है मुश्किल। भारत में 3,43091 लोग कोरोना की चपेट में है। इतना ही नहीं 9,900 की जान भी जा चुकी है। दूसरी ओर कोरोना काल में भारत की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है।

दरअसल कोरोना और लॉकडाउन की वजह लोगों का रोजगार खत्म हो गया है। कई क्षेत्रों में काम धंधा बंद हो गया है जबकि उधोग-धंधे भी पूरी तरह से चौपट हो गए है। कोरोना वायरस नाम की महामारी की वजह से देश में कंपनियों की हालत खऱाब होती जा रही है।

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अभी हाल में एक सर्वे में पता चला था कि कोरोना संकट बनने की वजह से 86 प्रतिशत भारतीयों को है नौकरी जाने की चिंता सता रही है। कहा तो यह भी जा रही है कि कोरोना की वजह से 13.5 करोड़ लोगों नौकरी भी जा सकती है जबकि 12 करोड़ लोग गरीबी की चपेट में भी आ सकते हैं।

उधर जॉब सर्च पोर्टल Naukri.com की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कोरोना और लॉकडाउन की वजह से जॉब हायरिंग भी काफी कम हो गई थी। इस रिपोर्ट में बताया कि भारत में जॉब हायरिंग में 61 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। मई के महीने में 61 प्रतिशत जबकि मार्च के महीने में 62 प्रतिशत बतायी जा रही है।

जॉब सर्च पोर्टल Naukri.com  के सर्वे में बताया गया है कि कोलकाता में कोरोना की वजह से 68 प्रतिशत जॉब हायरिंग कम हो गई जबकि दिल्ली व मुम्बई में 67 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। सर्वे में यह भी पाया गया है जिन लोगों को अनुभव के मामले में केवल 0-3 साल का है उनके लिए और चिंता की बात है।

कहा जा रहा है कि ऐसे लोगों में 66 प्रतिशत लोगों में गिरावट देखी गई। प्रवेश स्तर और वरिष्ठ स्तर के अधिकारियों (4 से 7 साल के कार्य अनुभव) के लिए भर्ती में क्रमश: 66 प्रतिशत और 62 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

  • होटल / रेस्तरां / यात्रा / विमानन – 91%
  • रीटेल – 87%
  • ऑटो / एंसिलरी -76%
  • BFSI – 70%
  • अकाउंटिंग/ टैक्सेशन / फाइनेंस – 69%
  • बीपीओ / आईटीईएस / सीआरएम / ट्रांसक्रिप्शन – 63%
  • आईटी-हार्डवेयर -58%
  • मेडिकल / हेल्थकेयर / अस्पताल -20%
  • फार्मा / बायोटेक / क्लीनिकल रिसर्च – 48%
  • आईटी-सॉफ्टवेयर / सॉफ्टवेयर सर्विसेज -54%
  • इंश्योरेंस -55%

कोरोना काल में परिवहन, होटल, पर्यटन समेत तकरीबन दो लाख से ज्यादा कारोबारियों, छोटा काम-धंधा करने वालों लोगों की हालत पस्त होती नजर आ रही है। आलम तो यह है कि लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था  को लेकर अब सरकार भी काफी चिंता में नजर आ रही है।कुल मिलाकर देखा जाये तो कोरोना की वजह से हर कोई परेशान है और उसे भारी नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।

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