मंगल ग्रह से नासा के पर्सिवियरेंस रोवर ने भेजीं ये तस्वीरें

जुबिली न्यूज डेस्क

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का अंतरिक्ष यान पर्सिवियरेंस 18 फरवरी को मंगल ग्रह की सतह पर सफलतापूर्वक उतर गया। नासा के पर्सिवियरेंस रोवर ने वहां से चौका देने वाली तस्वीरें भेजी हैं।

नासा द्वारा जारी की गई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि किस तरह नासा का रोबोट पर्सिवियरेंस गुरुवार को लैंडिग के लिए नीचे उतर रहा था।

पर्सिवियरेंस की मेमोरी में बहुत सारे आंकड़ें है, जिसे वो धीरे-धीरे पृथ्वी पर भेज रहा है। अन्य तस्वीरों में से एक में उपग्रह से एक व्यू दिख रहा है, जिसमें रोवर नीचे उतरने के पैराशूट फेज में है।

वैज्ञानिक इसे एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि के तौर पर देख रहे हैं, क्योंकि उपग्रह मार्स रिकौनसंस ऑर्बिटर-उस वक्त पर्सिवियरेंस से करीब 700 किलोमीटर दूर था और तीन किलोमीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से ट्रैवल कर रहा था।

नासा ने कहा है कि वो आने वाले कुछ दिनों में और भी कई चीजें जारी करेगा, जिनमें प्रवेश, उतरने और लैंड करने के दौरान की शॉर्ट मूवी शामिल होगी, जिसमें साउंड भी होगा।

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पर्सिवियरेंस, भूमध्यरेखीय मार्टियन क्रेटर पर लैंड हुआ है, जिसे जजैरो क्रेटर कहा जाता है। वहां वो ये पता लगाने की कोशिश करेगा कि क्या मंगल ग्रह पर अतीत में कभी जीवन था।

पर्सिवियरेंस रोवर के मुख्य इंजीनियर एडम स्टेल्ट्जनर ने कहा कि नीचे की तरफ रोबोट को देखने वाला व्यू अंतरिक्ष की खोज के इतिहास की अहम तस्वीर बन जाएगा।

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स्टेल्ट्जनर ने कहा, “इस तस्वीर में रोवर पर्सिवियरेंस उतरने के चरण में नीचे की ओर झुका हुआ है, वो बाहर की तरफ निकल रहा है, मंगल की सतह की तरफ जा रहा है।”

“आप देख सकते हैं कि इंजन धूल उड़ा रहा है। हम शायद मंगल की सतह से कऱीब दो मीटर या उससे थोड़ा अधिक ऊपर हैं।”

इंजीनियर्स ने बताया है कि पर्सिवियरेंस ठीक स्थिति में है, वो इसके सिस्टम को काम करने के निर्देश दे रहे हैं।

सभी हार्डवेयर की जांच करनी होगी, ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि गुरुवार को जब इसने मंगल ग्रह के वातावरण से सतह में प्रवेश किया तो इसमें कुछ टूटा तो नहीं।

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पर्सिवियरेंस अब अपना नेविगेशन का डंडा बाहर निकालेगा, जिस पर मुख्य वैज्ञानिक कैमरे लगे हुए हैं, इसके बाद जजैरों क्रेटर की सबसे विस्तृत तस्वीरें सामने आएंगी। ये तस्वीरें अगले हफ्ते सामने आ सकती हैं।

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अंतरिक्ष में भेजा गया ये बहुत ही एडवांस रोवर है। पर्सिवियरेंस की लैंडिंग तकनीक ने इसे टारगेटेड टचडाउन जोन में पहुंचा दिया, जो प्राचीन डेल्टा नदी के अवशेषों के दक्षिण पूर्वी ओर करीब दो किलोमीटर दूर है।

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ये रोबोट मंगल ग्रह पर भेजा गया नासा का पांचवां रोवर है, इस पर 2.7 अरब डॉलर का खर्च आया है।

इसका शुरुआती मिशन एक मंगल वर्ष (लगभग दो पृथ्वी वर्ष के बराबर) तक चलेगा, हालांकि अगर सभी हार्डवेयर ठीक रहते हैं तो हो सकता है एजेंसी इस मिशन की अवधि को बढ़ा दे।

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