शर्मनाक और केवल शर्मनाक… शिवराज सरकार में बूढ़े भिखारियों के साथ ये बर्ताव

जुबिली स्पेशल डेस्क

देश में इन दिनों स्वच्छता पर जोर दिया जा रहा है। इतना ही नहीं सरकार भी स्वच्छता को लेकर अभियान चलाती है लेकिन इंदौर में स्वच्छता के नाम पर एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिससे इंसानियत शर्मसार हो गई है।

दरअसल शुक्रवार को यहां पर नगर निगम की शर्मनाक हरकत देखने को मिली जब शहर के बूढ़े भिखारियों को एक डंपर में जानवरों की तरह भरकर शहर के बाहर छोड़कर चलते बने।

इस पूरी घटना की सभी लोग कड़ी आलोचना कर रहे हैं। संवेदनहीन कर्मचारियों ने सारी हदे पार करते हुए बुजुर्ग भिखारियों इंदौर-देवास सीमा पर शिप्रा नदी के पास छोड़कर वहां से निकल गए।

बताया जा रहा है कि इसमें कई ऐसे भिखारी बुजुर्ग ठीक से चल तक नहीं सकते थे। इतना ही नहीं इनको एक डंपर में एक दूसरे के ऊपर लादकर इस तरह की शर्मनाक घटना को अंजाम दिया गया।

हालांकि मामला आगे बढ़ते देख नगर निगम की कमिश्नर प्रतिभा पाल हरकत में आई और फौरान रैन बसेरा के दो कर्मियों को बर्खास्त कर दिया। उधर मुख्यमंत्री शिवराज सरकार की कड़ी आलोचना हुई है।

कांग्रेस नेता जीतू पटवारी और नरेंद्र सलूजा ने पूछा कि, क्या यही आपका सुशासन है? सलूजा ने कहा कि अधिकारी भाजपा की विचारधारा पर काम कर रहे हैं।

उधर निगम उपायुक्त प्रताप सोलंकी को निलंबित करने के निर्देश दे दिया गया है। वहीं इस घटना को लेकर एक्टर सोनू सूद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

उन्होंने ट्वीट के माध्यम से एक वीडियो शेयर करते हुए कहा है कि मैं सभी लोगों से अपील करता हूं कि आप मिलकर इन्हें एक छत देने की कोशिश करें।

बता दें कि लॉकडाउन और कोरोना वायरस ने गरीबों को बहुत दर्द दिया है। हालात तो ये हो गए थे लोग भूखे मरने की कगार पर पहुंच गए थे।

लोगों का रोजगार खत्म हो गया था लेकिन लॉकडाउन में मजदूरों के जो हालात थे उसे देखकर हर कोई खून के आंसू रोने पर मजबूर था।

हालांकि ऐसे मुश्किल दौर में मजदूरों के लिए मसीहा बनकर उभरे सोनू सूद । उन्होंने मजदूरों की तकलीफों को अपना समझा और हर तरह से प्रवासी मजदूरों की मदद की।

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