पश्चिम बंगाल हिंसा पर मायावती का बयान: कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल, कार्रवाई की मांग

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद कथित हिंसा की घटनाओं को लेकर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख Mayawati ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
“संविधान सर्वोपरि, समान न्याय जरूरी”
Mayawati ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी करते हुए कहा कि भारत की पहचान उसके संविधान और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों से है, जो सभी नागरिकों को समान अधिकार और सुरक्षा की गारंटी देता है।
उन्होंने कहा कि सरकारों का दायित्व है कि वे सभी धर्मों और समुदायों के लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करें और किसी भी तरह का भेदभाव न होने दें।
हिंसा और कानून-व्यवस्था पर चिंता
बसपा प्रमुख ने कहा कि चुनाव के बाद जारी हिंसा की घटनाएं चिंताजनक हैं और इस पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद भी स्थिति पर नियंत्रण नहीं होता, तो यह प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।
निष्पक्ष कार्रवाई और समान कानून की मांग
Mayawati ने जोर देकर कहा कि कानून का इस्तेमाल बिना किसी धार्मिक या जातीय भेदभाव के होना चाहिए। उनके अनुसार, सरकारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि न्यायिक और प्रशासनिक कार्रवाई सभी पर समान रूप से लागू हो।
राजनीतिक ध्यान भटकाने के आरोप का संकेत
अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि सरकारों को जनता की मूल समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और किसी भी प्रकार के विवाद या हिंसा के जरिए जनता का ध्यान भटकाने से बचना चाहिए।



