लखनऊ हिंसा के बाद मायावती ने तोड़ी चुप्पी, दिया ये बयान

न्यूज़ डेस्क

उत्तर प्रदेश के लखनऊ और संभल में बीते दिन हुई हिंसा पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने सपा और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हमने हमेशा सिटिनजशीप अमेंडमेंट एक्ट का विरोध किया है। और लेकिन अन्य पार्टियों की तरह हम सार्वजनिक संपत्ति और हिंसा में विश्वास नहीं करते हैं।

उन्होंने कहा कि मैं अपनी पार्टी के लोगों से अपील करती हूं कि इस समय में देश में व्याप्त इमर्जेंसी के दौरान सड़कों पर न उतरें। इसकी जगह विरोध के दूसरे तरीकों को अपना जाएं।

नागरिकता कानून को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा जो कानून बनाया गया है, वह असंवैधानिक है। शुरू से पार्टी इसका विरोध कर रही है। लेकिन हमारे विरोध का तरीका अलग है। राष्ट्रपति से मुलाकात की गई।

मैं खुद इस कानून पर अपने विचार मीडिया माध्यमों से प्रसारित करती हूं। पूरे देश में बवाल हुआ है। मैं अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील करती हूं कि, इस समय व्याप्त इमरजेंसी जैसे हालात में सड़क पर न उतरें।

सपा अध्यक्ष ने की शांति बनाये रखने की अपील

इससे पहले नागरिकता कानून के विरोध में लखनऊ में हुए हिंसक प्रदर्शन पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शांति की अपील की है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने बहाना कर के नागरिकता संशोधन कानून एक्ट लाने का काम किया। शांति हो मेरी उन लोगों से अपील है।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि जहां तक मेरी बात पहुंच रही है, लोग अपने हाथ में कानून व्यवस्था ना लें। अपना धरना-प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से करें। अखिलेश ने लोगों ने अपील करते हुए कहा कि जो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का सत्याग्रह का रास्ता था वो उस रास्ते को अपनाएं, उसी से जीत हासिल होगी।

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