Lakhimpur Violence: SIT की रिपोर्ट पर क्या बोलीं प्रियंका गांधी

जुबिली स्पेशल डेस्क

लखीमपुर खारी हिंसा मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्रा समेत 13 आरोपियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। दरअसल एसआईटी ने हादसे की धाराएं हटा दी हैं। इसकी जगह पर हत्या के प्रयास, अंग भंग, एक राय होकर क्राइम करना व असलहों के दुरुपयोग की धारा बढाई है। विवेचक ने रिमांड फाइल और अदालती मुकदमे में इन धाराओं को बढ़ाने के लिए अदालत में एप्लिकेशन दी, जिस पर आज सभी आरोपी कोर्ट तलब किये गए हैं।

सबसे खास बात है कि SIT ने माना है कि यह अपराध किसी लापरवाही का नतीजा नहीं, बल्कि जानबूझकर, साजिशन व जान लेने की नीयत से किया गया अपराध है। ऐसे में अब आशीष मिश्रा समेत सभी 13 आरोपियों की मुश्किलें बढ़ती नज़र आ रही है।

जानकारी के मुताबिक सीजेएम कोर्ट ने आशीष मिश्रा समेत सभी 13 आरोपियों पर 307 धारा लगाने का आदेश दे दिया है। मतलब अब हत्या के प्रयास की धारा (307) के तहत आशीष मिश्रा की जांच होगी।

अब एसआईटी की इस रिपोर्ट पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया और कहा है कि न्यायालय की फटकार व सत्याग्रह के चलते अब पुलिस का भी कहना है कि गृह राज्यमंत्री के बेटे ने साजिश करके किसानों को कुचला था जांच होनी चाहिए कि इस साजिश में गृहराज्यमंत्री की क्या भूमिका थी? लेकिन @narendramodi जी किसान विरोधी मानसिकता के चलते आपने तो उन्हें पद से भी नहीं हटाया है।

 

इसके आलावा प्रियंका गांधी ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि .. @narendramodi जी किसानों को आपकी खोखली बातें नहीं सुननी हैं। प्रधानमंत्री होने के नाते अपनी संवैधानिक एवं नैतिक जिम्मेदारी निभाते हुए लखीमपुर किसान नरसंहार की साज़िश में गृह राज्यमंत्री की भूमिका की जाँच अविलम्ब शुरू करवाइये एवं उन्हें तुरंत बर्खास्त करिए।

 

बता दे कि लखीमपुर सीजेएम कोर्ट ने आशीष मिश्रा समेत सभी 13 आरोपियों पर 307 हत्या का प्रयास, 326 खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाना, 34 एक राय होकर घटना को करना, और 3/25/30 आर्म्स एक्ट यानी लाइसेंसी लाइसेंस के दुरुपयोग को मंजूर कर लिया है।

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