कोलकाता रेप और मर्डर केस : ….लेकिन इसका जवाब मिलना अभी बाक़ी हैं

जुबिली स्पेशल डेस्क

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टर की रेप के बाद हत्या के मामला लगातार सुर्खियों में है। इस मामले में देश भर के डॉक्टरों ने हड़ताल कर रखी है।

इसका नतीजा ये हो रहा है कि मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। हालांकि इस केस से जुड़े कुछ सवाल है, जिसका जवाब अब तक नहीं मिला है।

उनमें सबसे पहला सवाल है कि अस्पताल पर हमला किसने किया और क्यों करवाया गया? दूसरा सवाल है कि आखिर अचानक से भीड़ कहा से आ गई? तीसरा सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर पुलिस अब तक इस मामले में खामोश क्यों हैं? इस पूरे घटनाक्रम में रेजिड़ेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन का क्या कहना है? वहीं इस मामले में ममता सरकार पर काफी सवाल उठ रहा है। ममता ने इस मामले को लेकर प्रदर्शन किया था और उनका ये प्रदर्शन किसके खिलाफ था? हाल ही इस मामले को लेकर बीबीसी ने विस्तार से एक रिपोर्ट पेश की और घटना से जुड़े कई सवाल को तलाशने की जरूर कोशिश की है।

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टर की रेप के बाद 14 और 15 अगस्त की रात के दौरान ‘रीक्लेम द नाइट’ का नारा देकर महिलाओं के सडक़ पर उतरने का आह्वान किया गया था और लोग जमा होने लगे थे लेकिन इस दौरान कुछ लोगों की भीड़ ने धरनास्थल पर हमला कर दिया। देर रात जमकर तोडफ़ोड़ की गई। हमला करने वाले कौन लोग थे, ये अब तक पता नहीं चल सका है।

डॉक्टरों की माने तो श्यामबाज़ार में सभी लोग जमा होने वाले थे और मोमबत्तियां लेकर मार्च करने वाले थे लेकिन जब सभी डॉक्टर मंच पर थे तभी अस्पताल के मेन गेट पर हंगामा शुरू और भीड़ ज्यादा थी और जमकर हंगामा और तोडफ़ोड़ होने लगा।

मंच पर मौजूद महिला डॉक्टर किसी तरह से वहां निकलने में कामयाब रही है और अपने-अपने हॉस्टलों की तरफ़ चली गईं थीं। इसके बाद जो हुआ सबको पता है। इस दौरान रात भर जमकर हंगामा तोडफ़ोड़ हुई लेकिन अब तक ये पता नहीं चल सका है आखिर कौन लोग थे जिन्होंने हंगामा काटा है।

अब तक ये भी पता नहीं चल सका है कि ये भीड़ कहा से आई है। पुलिस भी अब तक इस मामले में जवाब देने से बचती हुई नजर आ रही है और यह बताने में नाकाम रही है कि जो लोग हमला करने आरोप में पकड़े गए हैं वो कौन हैं।

गुरुवार को अपने कार्यालय के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि भीड़ के साथ झड़प में 15 से ज़्यादा पुलिसकर्मी और अधिकारी घायल हुए हैं जिसमें एक डीसीपी रैंक के अफ़सर भी हैं।

इस हिंसा के पीछे कौन लोग थे, इसका जवाब किसी के पास नहीं है जबकि पुलिस की खामोशी भी कई सवालों को जन्म देती हुई नजर आ रही है।

रेजड़िेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अनुसार जिस समय भीड़ पहुंची थी, उस समय अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी कम थी जिसकी वजह से ये सब हुआ।वैसे घटना के अगले दिन यानी बृहस्पतिवार को अस्पताल एक छावनी में बदल गया है और भारी सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिल रही है।

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