जेएनयू की नई वीसी ने कहा- मेरा कोई ट्विटर हैंडल नहीं, बकवास फैलाई जा रही है

जुबिली न्यूज डेस्क

जेएनयू की नई कुलपति प्रो. शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित नियुक्ति के बाद से ही वह विवादों में आ गई हैं। सोशल मीडिया पर लोग उनके कथित पुराने ट्वीट्स का हवाला देकर उनके चयन पर सवाल उठा रहे थे। इनमें योगेंद्र यादव और कविता कृष्णन भी थे।

फिलहाल शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित ने इससे इनकार किया है कि वे कभी ट्विटर पर भीं। एनडीटीवी को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा- मैं ट्विटर पर नहीं हूं। मेरा कोई ट्विटर हैंडल नहीं है।

साक्षात्कार में उन्होंने कहा- बकवास फैलाई जा रही है। मुझे नहीं पता कि ट्विटर पर किसने ये सब शुरू किया।

यह भी पढ़ें :  मलाला ने भारत के नेताओं से क्या अपील की?

यह भी पढ़ें :  हिजाब मामले में पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा- हिजाब पहनने के लिए…

यह भी पढ़ें : कानपुर में 10 साल के बच्चे से दरिंदगी, कील से निकाली आंख, सिगरेट से जलाया चेहरा

यह भी पढ़ें : ओवैसी ने सीएम योगी पर साधा निशाना, कहा-सुन लो बाबा!

प्रो. धुलिपुड़ी ने इस पर भी सवाल उठाए कि उनकी नियुक्ति के बाद ही ये ट्वीट्स क्यों सामने आए। शांतिश्री की कुलपति के रूप में नियुक्ति के बाद @SantishreeD हैंडल के कई सारे पुराने ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट्स लेकर लोग उन पर सवाल उठाने लगे।

हालांकि ये अकाउंट वेरिफ़ाइड नहीं था और कुछ देर बाद ये अकाउंट डिलीट हो गया।

उन्होंने कहा- इनकार करने का सवाल ही नहीं होता। मेरा कभी कोई ट्विटर हैंडल ही नहीं था। ये सब सुनियोजित था।

यह भी पढ़ें :  दिल्ली-एनसीआर में बारिश के साथ कुछ इलाकों में पड़े ओले

यह भी पढ़ें :  हिजाब की आड़ में अराजकता से बाज आएं जिहादी और उनके पैरोकार : विहिप

धुलिपुड़ी ने कहा कि ये सब देखकर वे सदमे में थी। इस विवाद को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि उन पर इस तरह हमला न किया जाए।

उन्होंने कहा कि लोग उनकी नियुक्ति को पचा नहीं पा रहे हैं और उन्हें बदनाम करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि तमिलनाडु की एक महिला को नियुक्त किया गया है। पहले ऐसा क्यों नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि वे किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं हैं।

मालूम हो कि एक दिन पहले ही भाजपा सांसद वरुण गांधी ने भी उनकी नियुक्ति पर चुटकी ली थी। उन्होंने उनकी ओर से जारी पहली प्रेस रिलीज का हवाला देते हुए कहा था कि उसमें व्याकरण की कई गलतियां हैं।

ट्वीट करके वरुण गांधी ने कहा था कि नई जेएनयू वीसी की ये प्रेस विज्ञप्ति अशिक्षा की एक प्रदर्शनी है। उन्होंने कहा कि इस प्रेस रिलीज में व्याकरण संबंधी कई गलतियां हैं।

उन्होंने विस्तार से बताया है कि प्रेस रिलीज में क्या-क्या गलतियां हैं। नई वीसी की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने लिखा है कि इस तरह की औसत नियुक्तियां हमारे युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाती हैं।

Related Articles

Back to top button