ईरान युद्ध 2025: 20 दिन बाद बड़ा खुलासा, डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर उठे सवाल

ईरान पर अमेरिकी हमले के 20 दिन बाद अब एक बड़ा खुलासा सामने आया है, जिसने अमेरिका के दावों की सच्चाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हमले के समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान परमाणु बम बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगर कार्रवाई नहीं की जाती तो पूरा मिडिल ईस्ट गंभीर खतरे में पड़ सकता था।
हालांकि अब सामने आई रिपोर्ट्स और अधिकारियों के बयानों से इस दावे पर संदेह गहरा गया है।
5 बड़े अधिकारियों ने ट्रंप के दावे को बताया गलत
ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े पांच शीर्ष अधिकारियों ने ट्रंप के बयान को गलत या भ्रामक बताया है। इनमें से दो अधिकारी खुद अमेरिकी प्रशासन से जुड़े रहे हैं।
1. तुलसी गबार्ड का बयान
सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के सामने गवाही देते हुए तुलसी गबार्ड ने कहा कि जून 2025 के हमले के बाद ईरान का परमाणु कार्यक्रम बुरी तरह प्रभावित हुआ था। उन्होंने साफ किया कि इसके बाद ईरान ने परमाणु हथियार बनाने की कोई सक्रिय कोशिश नहीं की। इस बयान के बाद अमेरिकी संसद में तीखी बहस छिड़ गई।
2. बदर बिन हमद बुसैदी का दावा
ओमान के विदेश मंत्री बुसैदी, जो अमेरिका-ईरान बातचीत में मध्यस्थ थे, ने अपने लेख में लिखा कि दोनों देशों के बीच समझौता लगभग तय था। ईरान यूरेनियम संवर्धन कम करने को तैयार था, लेकिन इजराइल के दबाव में अमेरिका ने हमला कर दिया।
3. राफेल ग्रॉसी की रिपोर्ट
IAEA प्रमुख ग्रॉसी ने कहा कि ईरान किसी सक्रिय परमाणु हथियार कार्यक्रम में शामिल नहीं था और वह तत्काल परमाणु बम बनाने की स्थिति में भी नहीं था।
4. जोनाथन पॉवेल की प्रतिक्रिया
ब्रिटेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पॉवेल के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अंतिम चरण में थी और जल्द समझौता संभव था। लेकिन अचानक हुए हमले ने पूरी प्रक्रिया को रोक दिया।
5. जोए केंट का इस्तीफा
वरिष्ठ अमेरिकी खुफिया अधिकारी जोए केंट ने इस युद्ध का विरोध करते हुए इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि ईरान से अमेरिका को तत्काल कोई खतरा नहीं था और हमला गलत आधार पर किया गया।



