#IndiGo के CEO ने बताया-हालात कब तक होंगे सामान्य

- इंडिगो फ्लाइट संकट पर सरकार बैकफुट पर
- DGCA ने 10 फरवरी 2026 तक नियमों में दी बड़ी राहत
- 4 दिन में 1700 से ज्यादा उड़ानें रद्द
जुबिली स्पेशल डेस्क
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में पिछले चार दिनों से जारी अव्यवस्था ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। लगातार 1700 से अधिक उड़ानें रद्द होने के बाद केंद्र सरकार और DGCA बैकफुट पर आ गए हैं।
शुक्रवार को DGCA ने राहत देते हुए FDTL (Flight Duty Time Limitations) के दूसरे चरण में लागू किए गए सख्त नियम 10 फरवरी 2026 तक के लिए स्थगित कर दिए।
आज स्थिति सबसे बदतर—1000 से अधिक फ्लाइट्स रद्द
शुक्रवार को ऑपरेशनल स्थिति इतनी खराब रही कि सिर्फ एक दिन में ही 1000 से ज्यादा उड़ानें कैंसिल हो गईं। लगातार चार दिन से आधे से ज्यादा शेड्यूल पर असर पड़ रहा है।
इंडिगो ने कहा है कि 15 दिसंबर तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
सरकार ने बनाई हाई लेवल जांच कमेटी
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने बताया कि इस पूरे संकट की जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी बनाई गई है, जो कारण और जिम्मेदारी तय करेगी। मंत्री ने दावा किया कि 3 दिनों में उड़ानें सामान्य हो जाएंगी।
इंडिगो CEO की सफाई: “पूरा सिस्टम रिबूट हो रहा है”
इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स ने बयान जारी कर कहा“पिछले कुछ दिनों में भारी दिक्कतें आई हैं। आज 1000 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द हुई हैं।हम सभी यात्रियों से माफी मांगते हैं। स्थिति को सामान्य होने में 10–15 दिसंबर तक का समय लग सकता है।”

टिकटों के दाम 10 गुना तक बढ़े
- फ्लाइट्स की भारी कमी के बीच किराए आसमान छूने लगे हैं।
MakeMyTrip के मुताबिक - दिल्ली–बेंगलुरु की 6 दिसंबर की फ्लाइट का न्यूनतम किराया ₹40,000+
- कुछ फ्लाइट्स — ₹80,000 तक
- यात्री 20–24 घंटे तक एयरपोर्ट पर फंसे नजर आए। दिल्ली एयरपोर्ट पर खाना-पानी को लेकर विवाद तक की नौबत आ गई।
क्यों बिगड़ा इंडिगो का सिस्टम?
- इंडिगो का दावा है कि DGCA के नए FDTL नियम ऑपरेशन को रोक देने वाले साबित हुए:
- FDTL Phase-2 के विवादित नियम
- साप्ताहिक 48 घंटे अनिवार्य रेस्ट
- किसी भी छुट्टी को वीकली रेस्ट नहीं माना जाएगा
- लगातार नाइट शिफ्ट पर पाबंदी
एयरलाइन का कहना है कि इन शर्तों से अचानक पायलट और क्रू की भारी कमी हो गई।
DGCA ने नियमों को 10 फरवरी 2026 तक के लिए टाल दिया है। इससे क्रू की उपलब्धता बढ़ेगी और अगले कुछ दिनों में फ्लाइट संख्या पटरी पर लौटनी चाहिए।



