भारत बना डीपटेक स्टार्टअप हब, ‘भारत इनोवेट्स’ में दुनिया के निवेशकों को दिखी नई टेक ताकत

भारत अब केवल स्टार्टअप्स का बाजार नहीं, बल्कि भविष्य की अत्याधुनिक तकनीकों का वैश्विक केंद्र बनता जा रहा है. खासतौर पर डीपटेक सेक्टर में भारतीय युवाओं की नई सोच और रिसर्च आधारित इनोवेशन दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं. इसका बड़ा उदाहरण Bharat Innovates Investor Showcase बना, जिसका आयोजन बेंगलुरु में किया गया.
यह कार्यक्रम भारत के शिक्षा मंत्रालय और Indian Venture and Alternate Capital Association द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया. इसका उद्देश्य भारतीय डीपटेक स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों के सामने प्रस्तुत करना था.
फ्रांस में होने वाले ‘भारत इनोवेट्स 2026’ से पहले बड़ा मंच
यह आयोजन 14 से 16 जून तक Nice में होने वाले Bharat Innovates 2026 से पहले किया गया. कार्यक्रम का मकसद भारतीय तकनीकी कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय निवेश और साझेदारी के अवसर उपलब्ध कराना है.
24 डीपटेक स्टार्टअप्स का हुआ चयन
देशभर की सैकड़ों कंपनियों में से 24 डीपटेक स्टार्टअप्स को चुना गया. ये स्टार्टअप्स पारंपरिक ऐप या सॉफ्टवेयर कंपनियां नहीं हैं, बल्कि भविष्य की तकनीकों पर काम कर रहे हैं.
इन कंपनियों के रिसर्च क्षेत्र में शामिल हैं:
- स्पेस लॉन्च सिस्टम
- इलेक्ट्रिक एयरक्राफ्ट
- डिफेंस टेक्नोलॉजी
- सेमीकंडक्टर
- 5G और 6G कम्युनिकेशन
- क्वांटम कंप्यूटिंग
- बायोटेक्नोलॉजी
- महिला स्वास्थ्य समाधान
- कृषि जैव प्रौद्योगिकी
- क्लीन एनर्जी
- मरीन रोबोटिक्स
- डिजिटल हेल्थकेयर
85 अरब डॉलर की निवेश क्षमता वाले निवेशक शामिल
इस कार्यक्रम में दुनिया भर के 90 से अधिक बड़े निवेशकों ने हिस्सा लिया, जिनकी कुल प्रबंधित संपत्ति (AUM) 85 अरब डॉलर से अधिक बताई गई.
कार्यक्रम में कई प्रमुख वेंचर कैपिटल कंपनियां भी शामिल रहीं, जिनमें:
जैसी बड़ी फर्में शामिल थीं.
‘स्टार्टअप इंडिया’ से आगे बढ़कर ‘रिसर्च इंडिया’
शिक्षा मंत्रालय की संयुक्त सचिव Soumya Gupta ने कहा कि भारत अब केवल स्टार्टअप इकोनॉमी नहीं, बल्कि रिसर्च आधारित टेक्नोलॉजी इकोनॉमी की ओर तेजी से बढ़ रहा है.
उन्होंने कहा कि यह मंच भारतीय युवाओं की वैज्ञानिक सोच और अनुसंधान क्षमता को वैश्विक निवेशकों से जोड़ने का काम करेगा.
भारतीय डीपटेक को वैश्विक पहचान
अब तक भारत को मुख्य रूप से ई-कॉमर्स और कंज्यूमर ऐप्स के लिए जाना जाता था, लेकिन अब डीपटेक कंपनियां तेजी से उभर रही हैं. ये कंपनियां एडवांस रिसर्च और वैश्विक बाजारों पर फोकस कर रही हैं.
कार्यक्रम में हर स्टार्टअप को 10 मिनट का प्रेजेंटेशन और 5 मिनट का प्रश्नोत्तर सत्र दिया गया, जहां निवेशकों ने उनकी तकनीकी क्षमता और बिजनेस मॉडल का मूल्यांकन किया.
फ्रांस में होगा बड़ा वैश्विक सम्मेलन
जून में फ्रांस में होने वाले Bharat Innovates 2026 में करीब 120 भारतीय डीपटेक कंपनियां हिस्सा लेंगी. इसमें दुनिया के बड़े टेक लीडर्स, पॉलिसी मेकर्स और उद्योग विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे.



