भारत और पाकिस्तान ने 35वीं बार साझा की न्यूक्लियर और कैदी सूची, सुरक्षा और कूटनीति में बड़ा कदम

जुबिली न्यूज डेस्क

नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान ने गुरुवार को द्विपक्षीय समझौते के तहत अपने न्यूक्लियर इंस्टॉलेशन और फैसिलिटी की लिस्ट एक-दूसरे को सौंपी। यह प्रैक्टिस नए साल की शुरुआत में पिछले तीन दशकों से जारी है और दोनों देशों के बीच परमाणु ठिकानों पर हमले को रोकने के उद्देश्य से होती है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह लिस्ट साझा करना 31 दिसंबर 1988 को हुए समझौते के प्रावधानों के तहत हुआ, जिसे पहली बार 27 जनवरी, 1991 को लागू किया गया था। इस बार यह लिस्ट 35वीं बार साझा की गई है।

साथ ही, दोनों देशों ने अपनी कस्टडी में मौजूद सिविल कैदियों और मछुआरों की सूची भी एक-दूसरे के साथ साझा की। भारत ने अपनी कस्टडी में 391 सिविल कैदियों और 33 मछुआरों की जानकारी पाकिस्तान को दी, जबकि पाकिस्तान ने भारत को 58 सिविल कैदियों और 199 मछुआरों की सूची दी। भारत ने पाकिस्तान से इन कैदियों और मछुआरों की रिहाई और जल्दी वापसी की भी मांग की।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम इस साल की शुरुआत में पहलगाम में हुए आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद आया है, जब दोनों देशों के संबंध तनावपूर्ण हो गए थे। इसके बावजूद, न्यूक्लियर इंस्टॉलेशन और कैदी सूची साझा करना दोनों देशों के बीच सुरक्षा और कूटनीति के महत्वपूर्ण आयाम को दर्शाता है।

साथ ही, भारत ने पाकिस्तान को अपनी तरफ से सिविल कैदियों, मछुआरों और लापता डिफेंस कर्मियों की शीघ्र रिहाई और सुरक्षित वापसी की अपील की है। इस कदम से यह संदेश गया कि सुरक्षा की गंभीर स्थिति के बावजूद रणनीतिक और मानवीय मुद्दों पर सहयोग जारी रखा जा सकता है।

Related Articles

Back to top button