Monday - 26 January 2026 - 12:13 PM

ऐतिहासिक समझौते की ओर बढ़ा भारत-यूरोप, उर्सुला वॉन डेर लेयेन बोलीं…

जुबिली न्यूज डेस्क

नई दिल्ली। भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित ऐतिहासिक व्यापार समझौते (India-EU Trade Deal) को अंतिम रूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठता दिख रहा है। भारत दौरे पर पहुंचीं यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने रविवार को कहा कि भारत और यूरोप ने रणनीतिक साझेदारी, संवाद और खुलेपन का स्पष्ट विकल्प चुना है। उन्होंने इस प्रस्तावित समझौते को दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बताया।

रणनीतिक साझेदारी का स्पष्ट संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली शिखर वार्ता से पहले वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा,
“भारत और यूरोप ने एक स्पष्ट विकल्प चुना है— रणनीतिक साझेदारी, संवाद और खुलेपन का विकल्प। अपनी ताकतों का लाभ उठाना और आपसी समझ बनाना। हम एक विभाजित दुनिया को दिखा रहे हैं कि यह रास्ता भी संभव है।” उन्होंने कहा कि भारत-यूरोप की यह साझेदारी वैश्विक मंच पर एक मजबूत और सकारात्मक संदेश दे रही है।

गणतंत्र दिवस समारोह में EU के शीर्ष नेता मुख्य अतिथि

गौरतलब है कि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा सोमवार को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

एंटोनियो कोस्टा ने भारत को यूरोपीय संघ का एक अहम रणनीतिक साझेदार बताते हुए कहा कि भारत और EU मिलकर नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा करने की क्षमता और जिम्मेदारी साझा करते हैं।

जयशंकर ने जताई नई शुरुआत की उम्मीद

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को यूरोपीय संघ के दोनों शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय खोलेगा।

जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा,“यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का भारत में स्वागत कर मुझे बेहद खुशी हो रही है। 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में पाकर हम सम्मानित महसूस कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी चर्चा भारत-EU संबंधों में नया अध्याय शुरू करेगी।”

‘सभी समझौतों की जननी’ बताया था इस डील को

इससे पहले 20 जनवरी को दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा था कि भारत और यूरोपीय संघ एक ऐसे ऐतिहासिक व्यापार समझौते की दहलीज पर हैं, जिससे करीब दो अरब लोगों का विशाल बाजार बनेगा और जो वैश्विक GDP के लगभग एक-चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करेगा। उन्होंने इस समझौते को “सभी समझौतों की जननी” करार दिया था।

136 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार

बीते कुछ वर्षों में भारत और यूरोपीय संघ के रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं। यूरोपीय संघ, वस्तुओं के मामले में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-EU के बीच कुल वस्तु व्यापार करीब 136 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जिसमें लगभग 76 अरब डॉलर का निर्यात और 60 अरब डॉलर का आयात शामिल है।

Radio_Prabhat
English

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com