इमरान ने ट्रंप के सामने फिर अलापा कश्मीर राग

न्यूज़ डेस्क

इन दिनों स्विट्ज़रलैंड के खूबसूरत शहर में दावोस शिखर सम्मलेन चल रहा है। इस बीच बीते दिन पकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात हुई। इस मुलाकात में इमरान खान ने विश्व आर्थिक मंच में एक बार फिर ट्रंप के सामने कश्मीर राग अलापा है। फिर क्या था ट्रंप ने इस बार भी कश्मीर पर मध्यस्थता की इच्छा जाहिर कर दी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका कश्मीर पर नज़र बनाए हुए है। अगर दोनों देश चाहे, तो वो अभी भी मदद कर सकते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान को लेकर ट्रंप ने कहा कि ‘हम और ज्यादा कारोबार कर रहे हैं। कुछ अन्य मसलों पर भी साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

हम कश्मीर पर भी बात कर रहे हैं कि वहां भारत और पाकिस्तान के बीच क्या हो रहा है। अगर हम कुछ मदद कर सकते हैं, तो जरूर करेंगे।’

गौरतलब है कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने कश्मीर पर मध्यस्थता की बात कही है। पिछले साल सितंबर में डोनाल्ड ट्रंप और इमरान खान की मुलाकात संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिवेशन में हुई थी, तब भी ट्रंप ने कश्मीर पर मदद की इच्छा जाहिर की थी।

उन्होंने कहा था, ‘पाकिस्तान और भारत के संबंध में हमने कश्मीर के बारे में बात की और मैं जो भी मदद कर सकता हूं, उसकी मध्यस्थता करने की बात कही है। मैं जो कर सकता हूं वह करूंगा, क्योंकि वे बहुत गंभीर परिस्थिति में हैं और आशा है वे बेहतर स्थिति में हो जाएंगे।’

उनके इस बार पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी और इस मुद्दे को अपना ‘आंतरिक मामला’ करार दिया था। हालांकि, बाद में उन्होंने कहा कि इस मामले को भारत और पाकिस्तान को द्विपक्षीय स्तर पर सुलझाना चाहिए।

दावोस में विश्व इकोनामिक फोरम के मंच पर डोनाल्ड ट्रंप ने इमरान खान के साथ मीडिया को संबोधित किया। इस दौरान इमरान खान ने परस्पर हित, क्षेत्रीय सुरक्षा, कश्मीर और अफगानिस्तान शांति प्रक्रिया पर भी बात की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान शुरू से अपने क्षेत्र में शांति बहाल करने का हिमायती रहा है और इस संदर्भ में बराबर कोशिशें भी जारी हैं।

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