माता रानी की कृपा पानी है तो नवरात्रि व्रत में रखें इसका ध्यान

जुबिली न्यूज डेस्क

हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है। जितना महत्व शारदीय नवरात्र का है उतना ही चैत्र का। चैत्र नवरात्रि आने वाला है।

पंचांग के मुताबिक नवरात्रि का व्रत 13 अप्रैल मंगलवार को चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आरंभ होने जा रहा है।

प्रतिपदा की तिथि नवरात्रि का प्रथम दिन है। मतलब माता रानी का पहला दरबार है। प्रतिपदा की तिथि में ही घटस्थापना की जाएगी।

पंचांग के मुताबिक राम नवमी की तिथि 21 अप्रैल को पड़ेगी तो वहीं नवरात्रि व्रत पारण 22 अप्रैल दशमी की तिथि को किया जाएगा। नवरात्रि के प्रथम दिन माता शैलपुत्री की पूजा की जाएगी।

किस दिन होगी कौन सी देवी की पूजा

14 अप्रैल – मां ब्रह्मचारिणी पूजा
15 अप्रैल – मां चंद्रघंटा पूजा
16 अप्रैल – मां कुष्मांडा पूजा
17 अप्रैल – मां स्कन्दमाता पूजा
18 अप्रैल – मां कात्यायनी पूजा
19 अप्रैल – मां कालरात्रि पूजा
20 अप्रैल – मां महागौरी पूजा
21 अप्रैल – राम नवमी
22 अप्रैल – चैत्र नवरात्रि व्रत का पारण

नवरात्रि में इन नियमों का रखें ध्यान

नवरात्रि का व्रत बहुत ही पवित्र माना जाता है। नवरात्रि में माता रानी के 9 स्वरूपों की पूजा अर्चना की जाती है। नवरात्रि के पर्व में नियमों का विशेष ध्यान रखा जाता है। इसलिए जो लोग नवरात्रि का व्रत रखते हैं उन्हें इन नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। इसे करने से ही माता रानी का पूरा आर्शीवाद मिलता है।

  •  स्वच्छता को अपनाएं.
  • नमक का सेवन न करें.
  •  फलों का अधिक सेवन करें.
  •  तैलीय पदार्थों से परहेज करें.
  • मन में नकारात्मक विचारों का न आनें दें.
  • महिलाओं का सम्मान करें.
  • वाणी को मधुर रखें.
  • क्रोध न करें.
  • सभी के लिए आदर भाव रखें.
  •  प्रकृति का सम्मान करें.
  • गलत आदतों से बचें.
  •  नशा आदि न करें.

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