‘संतों का अपमान हुआ तो 2027 में जवाब मिलेगा’-शंकराचार्य मुद्दे पर अखिलेश का हमला

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने सरकार पर सुरक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ करने और राजनीतिक द्वेष की भावना से फैसले लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उन्हें दी गई एनएसजी सुरक्षा बिना स्पष्ट कारण बताए हटा ली गई और सरकार को यह बताना चाहिए कि किस रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया।
अखिलेश यादव ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi की एसपीजी सुरक्षा हटाए जाने का भी जिक्र करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को प्रोटोकॉल के तहत मिलने वाली सुरक्षा दी जानी चाहिए, लेकिन सरकार केवल आंकड़े पेश कर रही है।
शंकराचार्य प्रकरण पर सरकार पर निशाना
झांसी के एक दिवसीय दौरे पर पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रयागराज के माघ मेले के दौरान संत समाज का अपमान हुआ। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य से प्रमाण पत्र मांगना अनुचित है और यदि कोई त्रुटि हुई है तो मुख्यमंत्री को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “बीजेपी सरकार सबका अपमान करती है। शंकराचार्य जी का अपमान किया गया। हमारे बटुकों की शिखा खींची गई और उन्हें अपमानित किया गया।” एक उपमुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने सवाल किया कि जब बटुकों का अपमान हो रहा था, तब वे कहां थे?
2027 चुनाव पर दावा
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बुलडोजर कार्रवाई के नाम पर कानून और संविधान की अनदेखी हो रही है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा को सत्ता से बाहर कर देगी।
उन्होंने कहा, “यदि गलती हुई है तो माफी मांगना साहस का काम है। प्रयागराज माघ मेले में संतों और बटुकों के साथ हुए कथित अपमान के लिए मुख्यमंत्री को माफी मांगनी चाहिए थी।”



