जुबिली स्पेशल डेस्क
लखनऊ। मरकज़ी शिया चाँद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैय्यद सैफ अब्बास नकवी ने ऐलान किया है कि रमज़ान का चाँद देख लिया गया है और 19 फरवरी से माह-ए-रमज़ान की पहली तारीख होगी।
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शहर में रमज़ान का चाँद नजर आने के बाद रोज़ों की शुरुआत का ऐलान कर दिया गया है। इस संबंध में इस्लामिक विद्वान मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने चाँद दिखने की तस्दीक की है।
मौलाना फरंगी महली ने बताया कि आसमान में रमज़ान का चाँद दिखाई देने के बाद यह तय हो गया है कि कल से माह-ए-रमज़ान की पहली तारीख होगी। इसके साथ ही मुसलमानों में खुशी की लहर दौड़ गई है और लोग इबादत के इस पाक महीने की तैयारियों में जुट गए हैं।
रमज़ान को रहमत, बरकत और मग़फिरत का महीना माना जाता है। इस दौरान रोज़ा, नमाज़, तरावीह और तिलावत-ए-कुरआन का विशेष महत्व होता है। मस्जिदों में भी विशेष इंतज़ाम किए गए हैं और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।
इसके साथ ही अकीदतमंदों में इबादत और रोज़ों की तैयारी शुरू हो गई है।
कमेटी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि रमज़ान के मुबारक महीने के दौरान कई अहम धार्मिक अवसर भी आएंगे।
मौलाना नकवी ने तमाम मोमिनीन से रमज़ान के पवित्र महीने में इबादत, रोज़ा, तिलावत-ए-कुरआन और जरूरतमंदों की मदद पर खास तवज्जो देने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि रमज़ान सब्र, रहमत और मग़फिरत का महीना है, जिसमें इंसान को अपने अमल सुधारने और समाज में भाईचारे व अमन का पैग़ाम देने का प्रयास करना चाहिए।
शहर की इमामबारगाहों और मस्जिदों में तरावीह, मजलिस और विशेष कार्यक्रमों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्रशासन भी सुरक्षा और साफ-सफाई के इंतज़ामों को लेकर सतर्क नजर आ रहा है।
रमज़ान का चाँद दिखाई देने के साथ ही मुबारकबाद देने का सिलसिला शुरू हो गया है। लोग एक-दूसरे को दुआओं और मोहब्बत भरे संदेश भेजकर माह-ए-रमज़ान की बधाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी रमज़ान मुबारक के संदेशों की भरमार देखी जा रही है।
“रमज़ान का चाँद दिखा, रोज़े की दुआ मांगी… रोशन सितारा दिखा, आपकी खैरियत मांगी…” जैसे खूबसूरत और भावनात्मक संदेशों के जरिए लोग अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और चाहने वालों को मुबारकबाद दे रहे हैं। इन पैग़ामों में अमन, सलामती, तरक्की और खुशहाली की दुआएं शामिल हैं। माह-ए-रमज़ान को रहमत,
माह-ए-रमज़ान को रहमत, बरकत और मग़फिरत का महीना माना जाता है। इस पवित्र महीने में रोज़ा, नमाज़, तिलावत-ए-कुरआन और ज़कात के जरिए लोग इबादत में मशगूल रहते हैं। चाँद के दीदार के साथ ही मस्जिदों और इमामबाड़ों में भी विशेष तैयारियां शुरू हो गई हैं।
रमज़ान की आमद ने एक बार फिर समाज में भाईचारे, मोहब्बत और इंसानियत का पैग़ाम दिया है। लोग दुआ कर रहे हैं कि यह पाक महीना सभी के लिए खुशियां, सेहत और कामयाबी लेकर आए।
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