ट्रंप के खिलाफ़ हॉलिवुड स्टार्स का ऐतिहासिक विद्रोह!

जुबिली न्यूज डेस्क
हॉलिवुड के चमकदार सितारे अब सिर्फ़ सिल्वर स्क्रीन की दुनिया तक सीमित नहीं रह गए हैं । पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विभाजनकारी नीतियों, लोकतंत्र-विरोधी बयानों और मिड टर्म की चुनावी हलचलों के बीच खुलकर उतरते हुए मेरिल स्ट्रीप, जॉर्ज क्लूनी, हैरिसन फोर्ड जैसे दिग्गजों ने अपनी जागी हुई अंतरात्मा की ताकत दिखाई है। ये कलाकार न सिर्फ़ अमेरिकी लोकतंत्र की रक्षा कर रहे हैं, बल्कि दुनिया भर में सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ़ एक वैश्विक संदेश दे रहे हैं।
बयानों से झलकती अंतरात्मा
तीन बार ऑस्कर विजेता अभिनेत्री मेरिल स्ट्रीप ने एक भावुक वीडियो संदेश में कहा, “ट्रंप का एजेंडा नस्लवाद, महिला-विरोध और पर्यावरण-विनाश को बढ़ावा देता है। हमारी अंतरात्मा हमें चुप्पी तोड़ने को बाध्य कर रही है। मैंने ‘द पोस्ट’ जैसी फिल्मों में सच्चाई की लड़ाई लड़ी, अब असल ज़िंदगी में भी वही करूंगी।” उनकी ये बातें 2017 के गोल्डन ग्लोब्स स्पीच की याद दिलाती हैं, जहां उन्होंने ट्रंप को निशाना बनाया था।
सुपर स्टार जॉर्ज क्लूनी और उनकी पत्नी अमल क्लूनी ने एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी कर लिखा, “ट्रंप की तानाशाही भरी सोच मानवाधिकारों को कुचल रही है। हम फंडरेज़र के ज़रिए डेमोक्रेट्स को सपोर्ट करेंगे।” क्लूनी, जो ‘ओशन्स इलेवन’ से लेकर राजनीतिक एक्टिविज़्म तक जाने जाते हैं, ने दारफुर संकट पर काम किया है—अब ट्रंप के खिलाफ़ उनकी लड़ाई वैश्विक न्याय की मिसाल बन रही है।
83 वर्षीय आइकॉन, हैरिसन फोर्ड ने एक इंटरव्यू में गरजते हुए कहा, “ट्रंप इंडियाना जोन्स नहीं, बल्कि ख़तरे का प्रतीक है। उनकी जलवायु-विरोधी नीतियां हमारी धरती को बर्बाद कर देंगी।” फोर्ड, जो पर्यावरण कार्यकर्ता भी हैं, ने ट्रंप के ‘पेरिस समझौते’ से बाहर निकलने को कभी नहीं भूला।
युवा से बुजुर्गो तक एकजुटता
इस आंदोलन में और बड़े नाम शामिल हो गए। ब्रैड पिट ने कहा, “ट्रंप लोकतंत्र का ख़तरा है—हमारी आवाज़ दबाई नहीं जा सकती।” स्कारलेट जोहानसन ने महिलाओं के अधिकारों पर फोकस करते हुए ट्वीट किया, “ट्रंप का रुख़ रो vs वेड को उलटने जैसा है; हमारी अंतरात्मा विद्रोह कर रही है।” टॉम हैंक्स ने लिखा, “फॉरेस्ट गंप की तरह, हम बेवकूफ़ी नहीं झेलेंगे।” मार्कर फ़ालो (हल्क के किरदार वाले) ने पर्यावरण एंगल जोड़ा, जबकि ओपरा विन्फ्रे ने अपनी शो पर चर्चा की। युवा स्टार ज़ेंडाया ने इंस्टाग्राम पर #ArtistsAgainstTrump चलाया, और रेयान रेनॉल्ड्स ने हास्य के साथ ट्रंप को निशाना बनाया। यहां तक कि लियोनार्डो डि कैप्रियो ने जलवायु पर ट्रंप को घेरा।
बॉलीवुड से प्रेरणा ?
ये विद्रोह सिर्फ़ हॉलिवुड तक सीमित नहीं। लाखों डॉलर के फंडरेज़र, रैलियां और सोशल मीडिया कैंपेन चल रहे हैं। पोल्स दिखाते हैं कि ये स्टार्स युवा वोटर्स को प्रभावित कर रहे हैं। भारत के संदर्भ में देखें तो बॉलीवुड के अभिनेत्री स्वरा भास्कर और अभिनेता निर्देशक फरहान अख़्तर ने भी इन सितारों की बातो से अपना समर्थन जताया है, जो दर्शाता है कि ट्रंप-विरोध वैश्विक है। क्या ये जागृति सत्ता के ख़िलाफ़ नई लहर लाएगी?
हॉलिवुड की ये अंतरात्मा न सिर्फ़ अमेरिका, बल्कि दुनिया को सिखा रही है कि कला और नैतिकता अलग नहीं। ट्रंप की राह अब और कठिन हो गई है—क्या स्टार पावर मिड टर्म के चुनाव का दृश्य बदल देगा?



