ईरान के साथ टकराव पर नरम पड़ा अमेरिका? 10 दिन बाद ही समझौते की बात करने लगे ट्रंप

ईरान के साथ बढ़ते सैन्य टकराव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिए हैं कि युद्ध को जल्द समाप्त करने का रास्ता तलाशा जा सकता है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति के करीबी सलाहकारों ने उन्हें चेतावनी दी है कि यदि संघर्ष लंबा खिंचता है तो इससे अमेरिका को राजनीतिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक सलाहकारों का मानना है कि मौजूदा हालात में इस युद्ध से अमेरिका को कोई बड़ा रणनीतिक लाभ मिलता नहीं दिख रहा है। उल्टा अगर लड़ाई जारी रही तो घरेलू राजनीति पर असर पड़ सकता है, खासकर इस साल के अंत में होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनावों को देखते हुए।
लंबी जंग से बढ़ सकता है नुकसान
बताया जा रहा है कि शुरुआती सैन्य कार्रवाई के बावजूद अमेरिका को अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाए हैं। अमेरिकी खुफिया आकलनों में यह भी कहा गया है कि सिर्फ सैन्य हमलों के सहारे ईरान में सत्ता परिवर्तन कराना आसान नहीं है। शीर्ष नेतृत्व पर हमलों के बावजूद देश के भीतर बड़े स्तर पर राजनीतिक उथल-पुथल देखने को नहीं मिली।
अमेरिकी जनता भी जंग के खिलाफ
हालिया सर्वेक्षणों में भी बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिकों ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। कई लोगों का मानना है कि अमेरिका इस संघर्ष में Israel का जरूरत से ज्यादा समर्थन कर रहा है, जिससे हालात और जटिल हो सकते हैं।
युद्ध की बढ़ती लागत
युद्ध की कीमत भी लगातार बढ़ती जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार शुरुआती दिनों में ही अमेरिका को अरबों डॉलर के सैन्य संसाधन इस्तेमाल करने पड़े। विश्लेषकों का कहना है कि यदि संघर्ष लंबा चला तो इसका असर अमेरिकी बजट और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
ईरान का भी आया जवाब
इधर Abbas Araghchi ने कहा कि अमेरिका को उम्मीद थी कि सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान में जल्द ही सत्ता परिवर्तन हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनका दावा है कि ईरान किसी भी दबाव में झुकने वाला नहीं है और संघर्ष के अगले चरण में भी मजबूती से खड़ा रहेगा।
फिलहाल दोनों देशों के बयानों के बीच यह संकेत जरूर मिल रहे हैं कि बढ़ते तनाव के बीच अब कूटनीतिक रास्तों पर भी विचार किया जा रहा है।



