गौरव चंदेल हत्याकांड : 11 दिन बाद मिला फ़ोन, मिर्ची गैंग पर शक

न्यूज़ डेस्क

उत्तर प्रदेश के नोएडा में हुए गौरव चंदेल हत्याकांड में यूपी एसटीएफ को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी हैं। इस हत्या में मिर्ची गैंग का हाथ हो सकता हैं। इसके लिए पुलिस ने करीब एक दर्जन गिरोहों की पड़ताल के बाद तीन को शॉर्ट लिस्ट किया था। इसके अलावा पुलिस को गौरव का मोबाइल फ़ोन भी बरामद हो गया है।

इस मामले में जांच टीमें मिर्ची गैंग के सरगना प्रवीण उर्फ आशु जाट को प्राइम सस्पेक्ट मान रही हैं। जोकि आकाश नगर से करीब सात किमी दूर मसूरी का रहने वाला है वहीं मिर्ची गैंग के सरगना प्रवीण ने गौर सिटी इलाके से ही पिछले साल सितंबर में लूटी स्विफ्ट डिजायर कार से हापुड़ जाकर बीजेपी के दो नेताओं की हत्या की थी।

इसके बाद उस पर एक लाख रुपये का इनाम रखा गया। इसके अलावा उसके खिलाफ हत्या और लूट के 45 से अधिक केस दर्ज हैं। वह जनवरी 2019 में जेल से छूटा था।

वहीं दूसरी तरफ यूपी एसटीएफ ने मृतक चंदेल का 11दिन बाद मोबाइल फ़ोन बरामद कर लिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, चंदेल की हत्या के बाद उसका फ़ोन एक राहगीर को मिला था जिससे पुलिस ने बरामद कर लिया है। फ़िलहाल पुलिस उस राहगीर से पूछताछ कर रही है। उससे पूछताछ की जा रही है लेकिन उसके कहीं से गौरव चंदेल हत्याकांड में शामिल होने का सुराख़ नहीं मिला है।

बता दें कि इससे पहले पिछले मंगलवार देर रात गाजियाबाद के मसूरी की आकाश नगर कॉलोनी से पुलिस ने लावारिस हालत में गौरव चंदेल की कार बरामद की थी। बीते छह जनवरी की रात रहस्यमय हालातों में गौरव चंदेल और उनकी कार गायब हो गए थे।

गौरव गुरुग्राम स्थित एक मल्टीनेशनल कंपनी में रीजनल मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। घटना के वक्त गौरव दफ्तर से घर वापस लौट रहे थे। तभी हिंडन नदी के पास परथला चौक पर अज्ञात बदमाशों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद हत्यारे उनकी कार और लैपटॉप आदि लूट कर फरार हो गए थे।

इस मामले में जांच के दौरान पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आई है, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए थाना बिसरख के प्रभारी निरीक्षक मनोज पाठक समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। जबकि एक अन्य को लाइन हाजिर किया गया था.

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