‘अमेरिका के लिए कोविड-19 के सबसे अधिक मामलों की पुष्टि कर पाना फख्र की बात’

  • अमेरिका की केंद्रीय एजेंसी, सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के मुताबिक वहां 19 मई तक एक करोड़ 26 लाख से ज्यादा लोगों का हो चुका है टेस्ट
  • जॉन्स हॉप्किंस यूनिवर्सिटी के मुताबिक अमेरिका में 15 लाख से ज़्यादा लोग हैं कोरोना संक्रमित
  • 92 हजार लोग कोविड-19 की वजह से गवां चुके हैं अपनी जान

न्यूज डेस्क

दुनिया में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमितों की संख्या अमेरिका में है। अब तब कोरोना संक्रमण से सबसे ज्यादा मौतें भी अमेरिका में हुई हैं। इन आंकड़ों की पुष्टि  कर पाना अमेरिका के लिए फख्र की बात है। सुनने में शायद यह अजीब लगे लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि उनके लिए ‘बैज ऑफ़ ऑनर’  यानी ‘फख्र की बात’  है कि अमेरिका ने कोविड-19 के सबसे अधिक मामलों की पुष्टि कर पाया है।

ट्रंप ने तर्क दिया है कि अमरीका का कोविड-19 के सबसे अधिक मामलों की पुष्टि कर पाना उनके लिए ‘बैज ऑफ़ ऑनर’  यानी ‘फख़़्र की बात’  है।

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व्हाइट हाउस में ट्रंप ने तर्क देते हुए कहा, “मैं निश्चित तौर पर इसे मैं एक सम्मान के रूप में देखता हूं, ये एक अच्छी बात है, क्योंकि इसका मतलब ये भी है कि हमारा टेस्टिंग प्रोटोकॉल वाकई काफी बेहतर है।”

अमरीका की जॉन्स हॉप्किंस यूनिवर्सिटी के मुताबिक अमेरिका में अब तक 15 लाख से ज़्यादा लोगों में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है और लगभग 92 हजार लोग कोविड-19 की वजह से अपनी जान गवां चुके हैं।

वहीं कोरोना वायरस संक्रमण के करीब तीन लाख मामलों के साथ रूस दूसरे स्थान पर है।

अमेरिका में कोरोना महामारी फैलने के बाद 18 मई को पहली बार राष्ट्रपति ट्रंप ने कैबिनेट की बैठक की। इस बैठक के बाद हुई प्रेस वार्ता में एक पत्रकार से ट्रंप ने कहा, “वैसे जब आप कहते हैं कि अमरीका कोरोना वायरस संक्रमण के मामले में सबसे आगे चल रहा है तो मेरे जेहन में एक ही बात आती है, वो ये कि हमारे यहां बाकी देशों की तुलना में ज़्यादा टेस्ट किया जा रहा है।”

राष्ट्रपति  ट्रंप ने कहा, “इसलिए जब बात आती है कि हमारे यहां सबसे ज़्यादा मामले हैं, तो मैं इसे बुरी चीज के रूप में नहीं देखता, बल्कि मैं इसे निश्चित रूप से एक सम्मान के रूप में देखता हूं, क्योंकि यह अच्छी बात है, हमारा टेस्टिंग प्रोटोकॉल ज़्यादा बेहतर है।”

इसके साथ उन्होंने यह भी कहा, “मेरी नजर में यह ‘बैज ऑफ ऑनर’  है। वाकई , एक ‘बैज ऑफ ऑनर’ । यह टेस्टिंग और उन सभी कार्यों के लिए एक महान श्रद्धांजलि है जो बहुत सारे अमरीकी पेशेवरों ने किए हैं।”

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हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति  के इस बयान की विपक्ष ने कड़ी आलोचना की है। विपक्ष का कहना है कि अमेरिका में 15 लाख से ज़्यादा लोगों का कोरोना वायरस से संक्रमित होना ‘लीडरशिप के पूरी तरह फेल होने की निशानी’  है।

राष्ट्रपति ट्रंप अपने विचित्र बयानों की वजह से अक्सर चर्चा में आ जाते हैं। कोरोना महामारी के बाद से वह कई बार अपने बयानों की वजह से विपक्ष की आलोचना झेल चुके हैं। इसके पहले उन्होंने सेनेटाइजर को इंजेक्शन के रूप में देने की सलाह दी है, जिसकी डॉक्टरों ने आपत्ति जताते हुए कड़ी आलोचना की थी।

अमेरिका की केंद्रीय एजेंसी, सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के मुताबिक वहां 19 मई तक एक करोड़ 26 लाख से ज़्यादा लोगों के कोविड-19 टेस्ट किए जा चुके हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रंप ने यह टिप्पणी जिस सवाल के जवाब में की थी, वह सवाल था कि क्या वे लैटिन अमरीकी देशों, खासकर ब्राजील के ट्रैवल बैन के बारे में विचार कर रहे हैं? जहां अमरीका और रूस के बाद सबसे ज़्यादा संक्रमण के मामले पाये गए हैं।

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