एनडीए का सहयोगी आरएलपी दो लाख किसानों के साथ करेगी दिल्ली कूच

जुबिली न्यूज़ डेस्क

कृषि कानून के विरोध में दिल्ली के बॉर्डर पर डटे किसानों का आज 25 वां दिन है। 25 दिन बीत जाने के बाद भी सरकार और किसान के बीच इस समझौते पर कोई बात बनती नहीं दिख रही है। प्रदर्शकारी किसान इस कानून को रद्द करने के अलावा किसी मांग पर तैयार नहीं है। इस बीच किसान संगठनों ने प्रधानमंत्री और कृषि मंत्री  को एक पत्र लिख कर नाराजगी जताई है।

आंदोलित किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह को खुला पत्र लिखा है। किसानों ने विपक्ष के गुमराह करने के आरोपों को लेकर नाराजगी जताई है। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति की ओर से लिखा गया ये खत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आरोपों और कृषि मंत्री की चिट्ठी के जवाब में है।

इस बीच एनडीए के सहयोगी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस बात का ऐलान किया है कि किसान आंदोलन के समर्थन में 26 दिसंबर को उनकी पार्टी दो लाख किसानों को लेकर राजस्थान से दिल्ली के लिए मार्च करेगी। यही नहीं, बेनीवाल ने यहां तक बताया है कि उसी दिन यह भी फैसला लिया जाएगा कि अब NDA में रहना है या नहीं।

इससे पहले उन्होंने किसान आंदोलन के समर्थन में संसद की तीन समितियों की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपना इस्तीफा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भेजा है, जिसमें बेनीवाल ने संसद की उद्योग संबंधी स्थायी समिति, याचिका समिति व पेट्रोलियम व गैस मंत्रालय की परामर्श समिति से इस्तीफा दिया है।

इसके अलावा किसान आंदोलन को पंजाब के मेडिकल कर्मचारियों का भी समर्थन मिल रहा है। पंजाब के विभिन्न अस्पतालों के चिकित्सा कर्मचारी सिंघु बॉर्डर (दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर) पर पहुंचे हैं।

लुधियाना के एक अस्पताल में स्टाफ नर्स के रूप में काम कर रही हर्षदीप कौर ने कहा, ‘हम यहां आंदोलनकारी किसानों का समर्थन करने के लिए आए हैं। अगर कोई भी बीमार पड़ता है तो हम सभी की सेवा के लिए तैयार हैं।’

ये भी पढ़े : फारूक अब्दुल्ला पर ED का बड़ा एक्शन, जानें क्या है पूरा मामला

ये भी पढ़े : बगैर किसी नतीजे के खत्म हुई कांग्रेस की बैठक

जाहिर है कि किसानों को प्रदर्शन करते हुए 25 दिन बीत गये हैं। इस बीच प्रदर्शन कर रहे किस्सान जान गंवाने किसानों की याद में आज श्रद्धांजलि दिवस मनाएंगे। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने ऐलान किया है कि शहीद किसानों को आज धरना स्थलों पर दिन में 11 बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक श्रद्धांजलि दी जाएगी।

Related Articles

Back to top button