रायबरेली में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र घोटाला, ATS जांच में बड़ा खुलासा

जुबिली न्यूज डेस्क

रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का बड़ा मामला सामने आया है। ATS (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड) की जांच में इस संगठित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दिल्ली के पते पर बने 238 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र

जांच में सामने आया है कि दिल्ली के पते का इस्तेमाल कर 238 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए गए। हैरानी की बात यह है कि इनमें से 125 से ज्यादा प्रमाण पत्र दिल्ली की लड़कियों के नाम पर जारी किए गए हैं, जबकि प्रमाण पत्र रायबरेली जिले से बनाए गए

रायबरेली के गांवों में चल रहा था फर्जीवाड़ा

ATS की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि रायबरेली के ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार किए जा रहे थे। यह पूरा नेटवर्क सलोन तहसील से संचालित हो रहा था, जहां से सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों फर्जी दस्तावेज जारी किए गए।

अब तक 3100 प्रमाण पत्र निरस्त

प्रशासन की ओर से अब तक 3100 फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों को निरस्त किया जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ सकती है।

52 हजार फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क के जरिए अब तक करीब 52 हजार फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए जाने का अनुमान है। इन प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल पहचान पत्र, पासपोर्ट, सरकारी योजनाओं और अन्य संवेदनशील दस्तावेजों के लिए किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

ATS की जांच में हुआ खुलासा

ATS को इस मामले की जानकारी मिलने के बाद गहन जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान दस्तावेजों में पते, जन्मतिथि और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद मामला उजागर हुआ।

ये भी पढ़ें-नीतीश कुमार बुर्का वीडियो पर बवाल, यूपी मंत्री संजय निषाद के बयान से मचा राजनीतिक तूफान

प्रशासन सख्त, जांच जारी

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि

  • दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी

  • फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है

  • अन्य जिलों में भी ऐसे प्रमाण पत्र जारी हुए हैं या नहीं, इसकी भी जांच होगी

फिलहाल, रायबरेली फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामला प्रदेश के सबसे बड़े दस्तावेजी घोटालों में से एक माना जा रहा है और आने वाले दिनों में इसमें और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

Related Articles

Back to top button