शिक्षा मंत्री का ऐलान, साल में इतनी बार होगी JEE Main परीक्षा

जुबिली न्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली। इंजीनियरिंग के यूजी कोर्सेस बीई/बीटेक के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) मेंस की तारीखों की घोषणा के एक दिन बाद ही बदलाव हो गया है।

आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने जेईई मेन 2021 परीक्षा का ऐलान कर दिया है। मंत्री ने कहा कि जेईई मेन परीक्षा 2021 का पहला सत्र 23 फरवरी से 26 फरवरी 2021 के बीच होगा। जेईई मेन परीक्षा का आयोजन अब साल में चार बार किया जाएगा।

ये चारों सत्र फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई में आयोजित किए जाएंगे। ये फैसला इसलिए लिया गया है कि ताकि अलग- अलग समय पर होने वालीं विभिन्न राज्यों की बोर्ड परीक्षाएं जेईई मेन परीक्षा के आयोजन में बाधा पैदा न करें।

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शिक्षा मंत्री ने कहा कि इससे अभ्यर्थियों को बिना साल बर्बाद किए अपना स्कोर सुधारने में मदद मिलेगी। पहली बार परीक्षा में असफल रहने के बाद अभ्यर्थियों को अनुभव मिलेगा कि उन्होंने क्या गलती की है। जिसे वे अगली बार परीक्षा देते वक्त सुधार पाएंगे। वहीं किसी अभ्यर्थी की परीक्षा किसी कारणवश न पहुंचने या छूट जाती है तो उसे अगली परीक्षा देने के लिए पूरे साल का इंतज़ार नहीं करना होगा।

जेईई मेन 2021 का पेपर जैसे हिंदी, अंग्रेजी समेत कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा। छात्र अपनी सुविधानुसार प्रश्न पत्र की भाषा का चयन कर सकेंगे। प्रमुख भाषाओं में हिंदी, अंग्रेजी, असमी, गुजराती, बंगाली, कन्नड़, मराठी, मलयालम, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगू और उर्दू में उपलब्ध होगा। हालांकि सभी सभी क्षेत्रीय भाषाओं के साथ प्रश्न अंग्रेजी भाषा में भी रहेंगे।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने बताया कि जेईई मेन 2021 साल में चार बार आयोजित होगी। परीक्षा का पहला चरण 23 से 26 फरवरी, 2021 तक आयोजित किया जाएगा। इसके बाद अगले चरण मार्च, अप्रैल और मई 2021 में अगले तीन सत्र होंगे। बता दें कि परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी यानी एनटीए द्वारा किया जाएगा।

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जेईई मेन 2021 के लिए फीस में अलग-अलग श्रेणी के अनुसार छूट प्राप्त होगी। सामान्य/ ओबीसी श्रेणी के भारतीय छात्रों के लिए 650 रुपए और विदेशी छात्रों के लिए 3000 रुपए रखी गई है। जबकि महिलाओं और एससी/ एसटी/ दिव्यांग और ट्रांसजेंडर श्रेणी भारतीय छात्रों के लिए 325 रुपए और विदेशी छात्रों के लिए 1500 रुपए होगी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने बताया कि अब साल में चार बार जेईई मेन की परीक्षा ली जाएगी। ये चार सत्र फरवरी, मार्च, अप्रैल, मई के महीने में आयोजित किए जाएंगे। स्टूडेंट्स अपनी सुविधानुसार किसी भी सत्र में परीक्षा दे सकते हैं। एक से ज्यादा सत्र में भी परीक्षा दे सकते हैं।

हर परीक्षा में उपस्थित होने की अनिवार्यता नहीं होगी। इनमें से जिस सत्र में भी आपको सबसे ज्यादा स्कोर प्राप्त होगा, उसे ही फाइनल माना जाएगा और उसी के आधार पर आपको फाइनल मेरिट लिस्ट में रैंक मिलेगी।

प्रश्न पत्र के पैटर्न को लेकर निशंक ने कहा कि एनटीए ने सभी राष्ट्रीय व स्टेट बोर्ड्स के पाठ्यक्रम को ध्यान में रखते हुए पैटर्न तैयार किया है। अब से प्रश्नपत्र में कुल 90 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें से स्टूडेंट्स को सिर्फ 75 प्रश्न हल करने होंगे। 15 वैकल्पिक प्रश्नों में निगेटिव मार्किंग नहीं होगी। चारों सत्रों में बेस्ट अंक के आधार पर ही मेरिट लिस्ट बनाई जाएगी।

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