यूपी टी-20 लीग की कमान डॉ. संजय कपूर के हाथों में

जुबिली स्पेशल डेस्क

कानपुर: उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) की नई कार्यकारिणी टीम का गठन हो गया है। अध्यक्ष के रूप में निधिपति सिंहानिया और सचिव के रूप में प्रेम मनोहर गुप्ता के नाम पहले ही तय माने जा रहे थे। वहीं अब गर्वनिंग काउंसिल के दो महत्वपूर्ण पदों पर डॉ. संजय कपूर और संजीव सिंह का चयन किया गया है।

इन दोनों अनुभवी क्रिकेट प्रशासकों को यूपी टी-20 लीग की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो राज्य स्तर पर प्रतिभाओं को आगे लाने का एक बड़ा मंच बन चुकी है। यूपीसीए की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, आने वाले सीजन में टूर्नामेंट को और अधिक प्रोफेशनल और पारदर्शी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

संजय कपूर और संजीव सिंह का अनुभव बनेगा ताकत

डॉ. संजय कपूर लंबे समय से यूपीसीए के सक्रिय सदस्य हैं और क्रिकेट प्रशासन में उनका विशेष अनुभव रहा है।

उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) में डॉ. संजय कपूर को मीडिया कमेटी का चेयरमैन और अंतरराष्ट्रीय मैच आयोजन समिति का संयोजक नियुक्त किया गया था।

कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में हुए भारत-बांग्लादेश टेस्ट मैच के दौरान डॉ. कपूर को वेन्यू डायरेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसके तहत उन्होंने पूरे आयोजन का सफल संचालन किया था।

उनके निर्देशन में मैच का आयोजन अत्यंत व्यवस्थित और सराहनीय ढंग से संपन्न हुआ था।

डॉ. संजय कपूर ने उस समय कहा था कि यूपीसीए द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी को उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ निभाया और आगे भी कानपुर सहित प्रदेश में होने वाले अंतरराष्ट्रीय मैचों का सफल आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि प्रदेश को लगातार बड़े मैचों की मेजबानी का अवसर मिलता।

वहीं, संजीव सिंह ने पिछले वर्षों में कई घरेलू टूर्नामेंटों के संचालन में अहम भूमिका निभाई है। दोनों अधिकारियों के पास ग्राउंड मैनेजमेंट से लेकर टीम कोऑर्डिनेशन तक की बेहतरीन समझ है।

सूत्रों के मुताबिक, यूपी टी-20 लीग के अगले सीजन की तैयारियां जल्द शुरू की जाएंगी, जिसमें खिलाड़ियों की नीलामी, टीमों की संरचना और प्रसारण समझौतों पर विशेष फोकस रहेगा।

नई टीम से उम्मीदें बढ़ीं

नए अध्यक्ष निधिपति सिंहानिया और सचिव प्रेम मनोहर गुप्ता के साथ-साथ गर्वनिंग काउंसिल के दोनों नए पदाधिकारी, यूपीसीए को नई दिशा देने की तैयारी में हैं। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में क्रिकेट ढांचे में कई अहम सुधार देखने को मिल सकते हैं।

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