जुबिली स्पेशल डेस्क
भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ डील को लेकर बना तनाव अब लगभग खत्म होता दिख रहा है। हालांकि कुछ महीने पहले यह विवाद अपने चरम पर पहुंच गया था और दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी तक आ गई थी। हालात ऐसे बन गए थे कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने अपने अमेरिका दौरे के दौरान तत्कालीन विदेश मंत्री मार्को रुबियो को साफ शब्दों में भारत का रुख बता दिया था।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेड डील से कुछ महीने पहले वॉशिंगटन में हुई बैठक में NSA अजीत डोभाल ने रुबियो से दो-टूक कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों से भारत डरने वाला नहीं है। डोभाल ने यहां तक कह दिया था कि अगर ट्रंप टैरिफ विवाद पर अड़े रहते हैं, तो भारत उनके कार्यकाल के खत्म होने तक इंतजार करने को भी तैयार है।
डोभाल ने स्पष्ट किया था कि भारत किसी भी तरह के राजनीतिक या आर्थिक दबाव में आकर फैसला नहीं करेगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि भारत दोनों देशों के बीच बढ़ी कड़वाहट को पीछे छोड़कर ट्रेड डील पर दोबारा बातचीत शुरू करना चाहता है, बशर्ते सार्वजनिक आलोचना में कमी लाई जाए ताकि रिश्तों को फिर से सामान्य किया जा सके।
सितंबर में हुई थी अहम बैठक
रिपोर्ट के अनुसार, NSA डोभाल और मार्को रुबियो के बीच यह मुलाकात सितंबर की शुरुआत में हुई थी। यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत के तुरंत बाद मानी जा रही है।
अब, उस बैठक के कई महीने बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कम टैरिफ और बेहतर मार्केट एक्सेस के साथ एक नई ट्रेड डील का ऐलान किया है। भारत सरकार ने इस समझौते में टैरिफ कटौती वाले हिस्से की पुष्टि कर दी है।
पीएम मोदी बोले— दोनों देशों को होगा फायदा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस डील का स्वागत करते हुए कहा कि जब दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ काम करते हैं, तो इसका सीधा फायदा लोगों को मिलता है और सहयोग के नए अवसर खुलते हैं। हालांकि पीएम मोदी के पोस्ट में ट्रेड डील की विस्तृत शर्तों, रूसी तेल खरीद या अमेरिकी सामानों पर जीरो टैरिफ को लेकर कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं जताई गई।
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केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी इस समझौते को ‘विन-विन डील’ करार देते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के नागरिकों और उद्योगों को लाभ मिलेगा।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि भारत और अमेरिका ट्रेड डील पर सहमत हो गए हैं। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका टैरिफ घटाएगा और भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस घोषणा का स्वागत किया और ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर ड्यूटी कम करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद दिया।
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