डोनाल्ड के निशाने पर क्यों हैं डेमोक्रेटिक पार्टी की महिला सांसद

न्यूज डेस्क

अमेरिकी राष्ट्रपति  डोनाल्ड ट्रंप अक्सर अपने बयान की वजह से सुर्खियों में रहते हैं। वह कब और किसके खिलाफ बोल दें कहा नहीं जा सकता। यदि यह कहें कि ट्रंप और विवादों का चोली-दामन का साथ बन गया है, तो गलत नहीं होगा।

ट्रंप इस बार विवादों में हैं तो उसकी वजह है उनका हालिया ट्वीट। अपने ट्वीट में ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी की कुछ महिला सांसदों को निशाना बनाया है। डोनाल्ड ट्रंप का कहना था कि इन सांसदों को वहीं लौट जाना चाहिए जहां से वे आई हैं।

दरअसल ट्रंप को इन महिला सांसदों पर इसलिए गुस्सा आया क्योंकि इन लोगों ने मैक्सिको सीमा पर मौजूद शरणार्थी हिरासत केंद्रों में हालात खराब होने का आरोप लगाते हुए ट्रंप प्रशासन की आलोचना की थी।

ट्रंप ने सीधे किसी महिला सांसद का नाम तो नहीं लिया लेकिन उनके निशाने पर अलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज, राशिदा तालिब, इल्हान उमर और अयना प्रेसले थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि इन सांसदों ने अमेरिका के बारे में बहुत सी भयानक बातें कही हैं जिन्हें चुनौती देना जरूरी है। डोनाल्ड ट्रंप का यह भी कहना था कि इन सांसदों को अमेरिका की आलोचना के बजाए अपने देश के हाल ठीक करने चाहिए।

ट्रप पर लग रहा है नस्लवाद का आरोप

डोनाल्ड की इस टिप्पणी के बाद से उन पर नस्लवाद क आरोप लग रहा है। अमेरिका के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने राष्ट्रपति की इन टिप्पणियों को विभाजनकारी करार दिया है।

डेमोक्रेटिक नेताओं का समर्थन करते हुए उन्होंने ट्टीट किया, ‘जब डोनाल्ड ट्रंप चार अमेरिकी सीनेटरों को अपने देश वापस जाने के लिए कहते हैं तो इससे उनके मेक अमेरिका ग्रेट अगेन की योजना साफ हो जाती है। वे हमेशा से अमेरिका को व्हाइट बनाना चाहते हैं। हमारी विविधता हमारी ताकत है और हमारी एकता हमारी शक्ति है।’

सीनेटर कमला हैरिस ने भी इन टिप्पणियों की आलोचना की है। उनका कहना था, ‘ये पुराना तरीका है। कह देना कि जहां से आए थे वहीं चले जाए। ऐसी बातें सड़कों पर सुनाई देती हैं, लेकिन इन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति की जुबान पर नहीं होना चाहिए।’

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