तलाकशुदा बेटी भी होगी पारिवारिक पेंशन की हकदार

  • सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की केंद्र सरकार की अपील

न्यूज डेस्क

उच्चतम न्यायालय ने एक अहम फैसला दिया है। अदालत ने कहा है कि एक तलाकशुदा बेटी भी अववाहित बेटी की तरह आश्रित पारिवारिक पेंशन की हकदार है।

सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली केंद्र सरकार की अपील को खारिज करते हुए दिया है। इस सुनवाई में जस्टिस संजय किशन कौल और कृष्ण मुरारी की शीर्ष अदालत की पीठ ने 29 जुलाई, 2016 को हाई कोर्ट की एक खंडपीठ के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।

यह भी पढ़ें : क्या भविष्य में भी मजदूरों के हितों को लेकर राजनेता सक्रिय रहेंगे?

यह भी पढ़ें :  कोरोना इफेक्ट : कर्नाटन सरकार के इस फैसले की क्या है वजह ?

यह भी पढ़ें :  कामगारों के संकट को अवसर में बदलने की कोशिश में महाराष्ट्र सरकार

पीठ ने कहा कि हमारा विचार है कि लागू आदेश उस बेटी (तलाकशुदा) को लाभ देने के लिए एक प्रगतिशील और सामाजिक रूप से रचनात्मक दृष्टिकोण को अपनाता है जो अविवाहित बेटी के साथ समानता का व्यवहार करती है। हम इस विचार से पूरी तरह सहमत हैं।

मालूम हो कि स्वतंत्रता सैनिक सम्मान पेंशन योजना, 1980 के तहत पेंशन के लिए खजानी देवी की याचिका को रक्षा मंत्रालय ने इस आधार पर खारिज कर दिया था कि यह केवल आश्रित माता-पिता, विधवाओं और अविवाहित बेटियों पर लागू होता है।

यह भी पढ़ें :    ट्रंप का एक और झूठ बेनकाब

यह भी पढ़ें :  हिमाचल प्रदेश : पीपीई घोटाले की जांच के बीच बीजेपी अध्यक्ष का इस्तीफा  

यह भी पढ़ें : अमेरिका में कोरोना से हुई एक लाख मौत पर ट्रंप ने क्या कहा?

खजानी देवी एक तलाकशुदा हैं और एक स्वतंत्रता सेनानी की बेटी हैं।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से पेश हुए वकील ने पीठ के समक्ष पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के साल 2016 के फैसले का भी हवाला दिया जिसमें उन्हें इसी तरह की राहत दी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए इसे प्रगतिशील और सामाजिक रूप से रचनात्मक दृष्टिकोण वाला बताया।

यह भी पढ़ें :    बदहाली : 48 घंटे के अंदर क्वारैंटाइन सेंटरों में 3 बच्चियों की मौत

यह भी पढ़ें :  सोनू सूद के साथ मिलकर जरुरतमंदों की मदद कर रहे यूपी के साधू बैजनाथ

Related Articles

Back to top button