शोध में आई रिपोर्ट के बाद सकते में अमेरिका और ब्रिटेन

न्यूज डेस्क
चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोना का कहर आज पूरी दुनिया में फ़ैल चुका है। कोरोना से बचने के लिए कई देश तरह तरह के प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में ब्रिटिश में एक शोध हुआ है जिसकी रिपोर्ट सामने आने के बाद ब्रिटिश सरकार और अमेरिका की सरकार सकते में आ गई है।
दरअसल इस शोध में सामने आया है कि आने वाले समय में कोरोना से पीड़ित लोगों की संख्या में अमेरिका और ब्रिटेन में बढ़ोतरी होगी। यही नहीं इससे अमेरिका में 22 लाख लोग और ब्रिटेन में पांच लाख लोगों की मौत भी हो सकती है।
ब्रिटिश शोध की यह रिपोर्ट आने के बाद प्रधानमंत्री बोरिस जोहानसन ने कोरोना से निपटने के लिए और सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। यहां के लोगों को घरों से बाहर न निकलने और विभिन्न बिमारियों से जूझ रहे 70 लाख लोगों को अलग रखने के लिए कहा गया है।
गौरतलब है कि ब्रिटेन में यह अध्ययन इंपीरियल कॉलेज लंदन के प्रफेसर नील फर्गुसन ने इटली कोरोना के आंकड़ों के आधार पर किया है। उनकी टीम ने कहा कि अगर इस बीमारी को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं किये गये तो इसका भयानक रुप देखने को मिलेगा।
अध्ययन में यह बात भी सामने आई है कि सरकार की तरफ से पहले के कोरोना के प्लान से भी करीब 250,000 लोगों की मौत हो सकती है। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं पर भी काफी अधिक भार बढ़ जाएगा।
‘पब, क्लब और थियेटर में जाने से किया मना’
शोधकर्ताओं ने बताया कि जब तक इस वायरस का असर कम नहीं होता तब तक लोग पब, क्लब और थियेटर में न जाएं। इसके अलावा सामाजिक दूरी बनाए रखें। इस शोध में शामिल एक प्रफेसर अजरा घनी ने बताया कि, ‘कोरोना हमारे समाज और अर्थव्यवस्था पर बहुत बड़ा दबाव डालने जा रहा है।’ ‘आने वाला समय बहुत कठिन है।’
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वहीं ब्रिटिश सरकार ने इस शोध के बाद से सख्त हो गई है सरकार अपने एक्शन प्लान में नए सुझावों को भी शामिल करेगी। बता दें कि अब तक अमेरिका में कोरोना वायरस के संक्रमण के 6,319 मामले सामने आए हैं जबकि 107 लोगों की मौत हो चुकी है। उधर, ब्रिटेन में कोरोना के 1,950 मामले प्रकाश में आए हैं और 71 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।



