कोरोना: यूपी में संक्रमितों की संख्या हुई 16, गंगा आरती में प्रवेश पर रोक

न्‍यूज डेस्‍क

देशभर में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। 15 राज्‍य इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं और संक्रमित मरीजों की संख्‍या 148 तक पहुंच चुकी है। उत्‍तरप्रदेश में भी संक्रमित मरीजों की संख्या 16 तक पहुंच चुकी हैं, जबकि लखनऊ में मरीजों की संख्या तीन हो गई है।

किंग जॉर्ज यूनिवर्सिटी यूनिवर्सिटी के एक जूनियर डॉक्टर में कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया है। जूनियर डॉक्टर को केजीएमयू में ही आइसोलेट किया गया है। बताया जा रहा है कि जूनियर डॉक्टर केजीएमयू में एडमिट कोरोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज करने वाली टीम में शामिल था।

जूनियर डॉक्टर में कोरोना की पुष्टि होने के बाद केजीएमयू के डॉक्टरों में भी हड़कंप मच गया है। KGMU आइसोलेशन वॉर्ड के इन्चार्ज डॉक्टर सुधीर सिंह ने बताया, ‘कोरोना संक्रमित मरीजों को इलाज कर रहे डॉक्टर का टेस्ट पॉजिटिव आया है। उनकी स्थिति सामान्य बनी हुई है और चिंता की कोई बात नहीं है।’

बता दें कि टोरंटो से आई एक महिला डॉक्टर में कोरोनावायरस की पुष्टि हुई थी। इस महिला के संपर्क में आने वाले एक अन्य को भी संक्रमण हुआ था। दोनों का ही इलाज केजीएमयू में चल रहा है।

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रीसर्च (आइसीएमआर) ने कहा है कि भारत में कोरोना वायरस अभी कम्युनिटी ट्रांसमिशन के चरण में नहीं पहुंचा है। देश भर में सर्दी-जुकाम से गंभीर रूप से पीड़ित व आइसीयू में भर्ती मरीजों के रैंडम सैंपल की जांच में कोरोना वायरस नहीं पाया गया है। कम्युनिटी ट्रांसमिशन को अवश्यंभावी मानते हुए आइसीएमआर जांच की क्षमता बढ़ाने में जुटा है। इस सिलसिले में अब कुल 121 लैब में कोरोना टेस्ट की सुविधा के विस्तार के साथ दो मेगा रैपिड लैब शुरू किए गए हैं।

इससे पहले स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बुधवार को कोरोनावायरस संक्रमण को लेकर जारी मेडिकल बुलेटिन में कहा गया कि उत्तर प्रदेश में 16 मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं। मंगलवार को नोएडा में दो लोगों में कोरोनावायरस की पुष्टि हुई। आगरा में 8, नोएडा में 3 और लखनऊ व गाजियाबाद में दो-दो मरीजों में कोरोना को पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अभी तक प्रदेश में तीन कोरोनावायरस के मरीज रिकवर हुए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सूबे में कुल 762 लोगों के लैब टेस्ट निगेटिव पाए गए हैं। अभी भी 98 संदिग्ध लोगों के टेस्ट रिपोर्ट का इंतज़ार है। अभी तक एयरपोर्ट पर 22008 की थर्मल स्कैनिंग हुई है।

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 13 लाख 78 हज़ार से ज़्यादा लोगों की स्कैनिंग की गई है। नेपाल-भारत बॉर्डर पर 2021 गांव का सैनिटाइजेशन किया गया है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में 21 संदिग्ध मरीज भर्ती हुए हैं।

दूसरी ओर कोरोना के कारण काशी के गंगा घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध आरती में आम लोग फिलहाल नहीं जा सकेंगे। जिला प्रशासन ने गंगा आरती में आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। आयोजकों से गंगा आरती को साधारण तरीके से सम्पन्न कराने को भी कहा है। तत्काल प्रभाव से इसे लागू करने को कहा गया है।

काशी के कई घाटों पर रोजाना गंगा आरती होती है। इनमें दशाश्वमेध और उससे सटे शीतला घाट पर रोज शाम भव्य आरती होती है। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक जुटते हैं। करीब एक घण्टे तक होने वाली गंगा आरती के दौरान लोग घाट की सीढ़ियों पर बैठकर इसकी भव्यता का दीदार करते हैं। काफी लोग नावों से भी गंगा आरती देखने पहुंचते हैं और घाट के सामने नाव लगाकर आरती में शामिल होते हैं।

मंगलवार को ही गंगा आरती आयोजकों की ओर से यहां आने वालों को मास्क भी बांटा गया था। लोगों ने मास्क लगाकर आरती में शिरकत की थी। आरती करने वाले अर्चक भी मास्क में दिखाई दिए थे। इससे पहले यहां के द्वादश ज्योतिर्लिंग काशी विश्वनाथ मंदिर में भी कोरोना से बचाव के उपाय शुरू किए गए थे। लोगों को गेट पर हो हैंडवाश कराने के बाद प्रवेश मिल रहा है।

मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश पर भी 31 मार्च तक पाबंदी लगा दी गई है। दूसरे सबसे बड़े मंदिर संकटमोचन में भी इसी तरह की व्यवस्था की गई है। गेट पर ही सेनेटाइजर से लोगों का हाथ साफ कराया जा रहा है। बुधवार की सुबह मंदिर के अंदर की दीवारों और फर्श को भी सेनेटाइज किया गया।

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