15 से 18 साल के किशोरों का टीकाकरण शुरू, 12 लाख से अधिक ने कराया रजिस्ट्रेशन

जुबिली न्यूज डेस्क

कई महीनों तक चली चर्चा के बाद आख़िरकार सोमवार से भारत में 15 से 18 साल की आयु के किशोरों को कोविड-19 का टीका लगना शुरू हो गया है।

ये बात इसलिए भी ख़ास मायने रखती है क्योंकि कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट ने भारत में दस्तक दे दी है और दक्षिण अफ्रीका में सबसे पहले पाया गया ओमिक्रॉन वैरिएंट भारत में तेज़ी से फैल रहा है।

मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, कश्मीर, दिल्ली सहित देश के अलग-अलग राज्यों से टीकाकरण केंद्र पर टीका लगवाते बच्चों की तस्वीर सामने आ रही है।

कोविन एप पर अब तक 12 लाख से अधिक किशोरों ने टीकाकरण के लिए पंजीकरण की कराया है।

ये टीकाकरण इसलिए भी खास मायने रखता है क्योंकि देश में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं।

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इसके अलावा, 10 जनवरी से स्वास्थ्य कर्मी, फ्ऱंट लाइन वर्कर्स और 60 साल से अधिक आयु के लोगों को तीसरी डोज लगने की शुरुआत होगी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने ट्वीट कर लिखा,”बच्चों को टीका लगवाना है। सुरक्षित भारत बनाना है। ”

बच्चों के लिए सिर्फ कोवैक्सीन का ही इस्तेमाल किया जा रहा है। कोवैक्सीन की निर्माता भारत बायोटेक ने कहा है कि दूसरे और तीसरे चरण के अध्ययन में कोवैक्सीन को बच्चों के लिए सुरक्षित और असरदार पाया गया है।

भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का ट्रायल 525 बच्चों पर जून 2021 और सितम्बर 2021 के बीच किया गया। ये ट्रायल 2 वर्ष से 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों पर किया गया।

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