SAIL प्रमोशन विवाद: विवादित CGM को डायरेक्टर पद

स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) में टी.एन. नटराजन को डायरेक्टर (कमर्शियल) पद पर नियुक्ति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पश्चिमी क्षेत्र के रीजनल मैनेजर के उनके कार्यकाल में 1 लाख टन स्टील कथित फर्जी प्रोजेक्ट्स को आपूर्ति करने के आरोप हैं, जिसमें 40,000 टन तो लोकपाल के 10 जनवरी 2024 के आदेश के बाद भी बेचे गए।

CBI जांच और पदोन्नति

CBI ने नटराजन को प्रश्न पत्र भेजा है, फिर भी उनकी प्रमोशन रोकी नहीं गई। स्टील मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने तर्क दिया कि निलंबन या चार्जशीट न होने से पदोन्नति में कोई बाधा नहीं। PESB ने सितंबर 2025 में छह आंतरिक उम्मीदवारों को खारिज कर सर्च-कम-सेलेक्शन कमिटी को सौंप दिया, जिसने नटराजन को चुना।

पारदर्शिता पर सवाल

indianpsu.com के स्टील सेक्रेटरी संदीप पौंडरिक को भेजे ईमेल का कोई जवाब नहीं आया। नटराजन ने स्पष्टीकरण मांगने पर फोन नंबर ब्लॉक कर दिए। यह घटना SAIL जैसे महारत्ना PSU में जवाबदेही और अखंडता पर गंभीर सवाल उठाती है।

टी.एन. नटराजन का SAIL में डायरेक्टर (कमर्शियल) पद पर प्रमोशन PESB की पारंपरिक प्रक्रिया से हटकर सर्च-कम-सेलेक्शन कमिटी के माध्यम से हुआ।

PESB ने सितंबर 2025 में छह आंतरिक उम्मीदवारों (जिनमें नटराजन शामिल थे) को डायरेक्टर पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया और चयन प्रक्रिया को सर्च-कम-सेलेक्शन कमिटी के हवाले कर दिया। इस कमिटी ने बिना नए नाम सुझाए सीधे नटराजन को चुना, जिसे स्टील मंत्रालय ने मंजूरी दी।

मंत्रालय के अनुसार, निलंबन या चार्जशीट न होने से CBI जांच के बावजूद प्रमोशन में कोई कानूनी बाधा नहीं थी। यह PSU में आंतरिक चयन का वैकल्पिक तरीका माना गया।

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