नवेद शिकोह
रेस में दौड़ने वाली साइकिल को रोड बाइक कहते हैं। इसके हैडल झुके होते हैं इसलिए इसे चलाने वाले को झुकना पड़ता है।
सपा मुखिया अखिलेश यादव को भाजपा से मुकाबले में आगे निकलने के लिए कांग्रेस को मनमाफिक हिस्सेदारी देना होगी।
कांग्रेस का साथ पाने के लिए तन के नहीं झुक कर साइकिल चलानी होगी। सपा को अपनी साइकिल दौड़ानी है तो साइकिल को रोड बाइक की तरह झुक कर चलाना पड़ेगा। साइकिल से हाथ छूटा तो भाजपा-विरोधी वोटों के बटवारे में साइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो जाएगी।

कांग्रेसी इस कांफिडेंस में है कि यूपी की आबादी की बीस फीसद हिस्सेदारी वाले मुस्लिम समाज का पहला प्यार कांग्रेस है। सत्ता से नाराज और बसपा की निष्क्रियता से छिटके दलित कांग्रेस में घर वापसी करेंगे।
कांग्रेस नेता दबी जुबान से कुछ इस तरह की बातें करते नजर आ रहे हैं।
आगामी यूपी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की तैयारियां और कांग्रेसी नेताओं के बयान सपा की साइकिल को रोड बाइक का आकार देना चाहते हैं।
कांग्रेस सपा के आगे झुकेगी नहीं सपा को कांग्रेस के आगे झुकना होगा। सहारनपुर के कांग्रेस सांसद इमरान मसूद बार-बार समाजवादी पार्टी पर दबाव बनाने वाले बयान दे रहे हैं।
और यूपी कांग्रेस अध्यक्ष इसे अनुशासन हीनता या बड़बोलापन नहीं मानते बल्कि इमरान मसूद के ऐसे बयानों को जायज ठहरा रहे हैं।
जानकार कहते हैं कि यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस हाईकमान ही सपा पर प्रॉक्सी वार कर दबाव बनवा रहा है। कांग्रेस केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को सपा पर दबाव बनाने की पूरी छूट दी है इसलिए वो इमरान मसूद के बयानों को बूस्टअप कर रहे हैं।
बकौल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय- हम सभी 403 विधानसभा सीटों की तैयारी कर रहे हैं। हमारे पास खोने के लिए ज्यादा कुछ नहीं, भविष्य में पाने के लिए पूरी शिद्दत से संगठन मजबूत किया जा रहा है। हार का हर डर निकल चुका है 2024 लोकसभा चुनाव ने कांग्रेस को आशा की किरण दिखाई है। जीत के उत्साह में मेहनत करके आगे बढ़ने की ऊर्जा दी है। कार्यकर्ताओं ने यूपी में कांग्रेस का पुराना वकार वापस लाना का प्रण लिया है।
यूपी कांग्रेस नेताओं के बयान और संगठन में जान फूंकने की तैयारियां बता रही हैं कि कांग्रेस अगले वर्ष के प्रारम्भ में विधानसभा चुनाव से पूर्व समाजवादी पार्टी पर जबरदस्त दबाव बनाएगी। यूपी-बिहार कई मायनों में एक जैसे हैं लेकिन बिहार की पराजय के बाद भी यूपी कांग्रेस का आत्मविश्वास कमजोर नहीं पड़ा है। यूपी में सपा से अधिक से अधिक सीटें हासिल करने का इरादा है। बताया जाता है कि सवा सौ सीटें मांगी जाएंगी और सत्तर से अस्सी सीटों पर कांग्रेस अड़ जाएगी।
इसी लिए बार-बार अभी से ही कांग्रेसी बयान आने लगे हैं कि पार्टी 403 सीटों की तैयारी कर रही है। यानी कांग्रेस द्वारा मांगी गई सीटों को लेकर सपा ने कोई ना-नुकुर की तो कांग्रेस यूपी में अकेले चुनाव लड़ लेगी।
अजय राय ने एक खास बातचीत में बताया कि संगठन को मजबूत करने की कवायद के साथ नये चेहरे और युवा जोश से पार्टी को नई ऊर्जा देने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कर्मठता,कार्यकुशलता, योग्यता और विचारधारा के स्तर पर पार्टी अपने कुनबे का विस्तार कर रही हैं। टैलेंट हंट अभियान के तहत संगठन सृजन में वाक दक्षता से लेकर आईटी एक्सपर्ट और देशहित को समर्पित प्रतिभाओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। प्रवक्ताओं और रिसर्च की एक नई फौज तैयार की है।
दलितों-पिछड़ों के हक के लिए और सत्ता में उनकी अनदेखी के खिलाफ यूपी कांग्रेस एक बड़ा अभियान छेड़ने जा रही है। अजय कहते हैं कि पीडीए से कांग्रेस का प्राचीन रिश्ता रहा है। ब्राह्मण और समस्त समाज को हमने अपने वक्त में खूब सम्मान दिया है। वक्त की धूल साफ करके हम दलितों, पिछड़ों, मुसलमानों और समाज के हर वर्ग से विश्वास के रिश्ते को एक बार फिर दोहराएंगे।
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय कहते हैं कि वाराणसी और पूरा पूर्वांचल वर्तमान सरकार से त्रस्त है। जनता में निराशा है। भाजपा के सबसे मजबूत किले यूपी में भाजपा के सबसे बड़े नेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में महादेव की पावन धरती वाराणसी में आईना दिखा दिया।
दो धारणाएं टूट गई। तीन लाख से अधिक वोट मोदी के कम होने से मोदी की लोकप्रियता की पोल खुल गई। दूसरी गलत धारणा में थी कि यूपी में कांग्रेस बेहद कमजोर है। मोदी के वोटों में तीन लाख से अधिक गिरावट लाने का कारनामा कांग्रेस ने कर दिखाया। अजय कहते हैं कि मौजूदा सरकार से आहत दलित और मुस्लिम समाज कांग्रेस की तरफ देख रहा है। ब्राह्मण समाज की भाजपा से नाराज़गी कांग्रेस और ब्राह्मण समाज के पुराने रिश्तों में ताजगी पैदा करेगी।
टैलेंट हंट के जरिए संगठन विस्तार से लेकर दलितों-पिछड़ो के हक की यात्राओं की तैयारी हो या ब्राह्मणों-मुसलमानों से पुराने विश्वास के रिश्तों की याद दिलाना हो, कांग्रेस भी अपने अलग पीडीए का जाल बुन रही है। सपा के पीडीए की तरह कांग्रेस के पीडीए का ‘ए’ भी दो अर्थ का है।
ए का अर्थ अल्पसंख्यक है, यानी मुसलमान।
ए का दूसरा अर्थ हैं- अपर कास्ट जिसमें खासकर ब्राह्मण शामिल हैं।
यूपी विधानसभा चुनाव अगले वर्ष 2027 में है। चुनाव आगामी वर्ष के प्रारंभ में होना है इसलिए इस वर्ष को ही चुनावी वर्ष माना जाएगा। चुनावी नववर्ष में कांग्रेस की नई नई बातें ही ये महसूस करा रही हैं कि कांग्रेस हाईकमान ने ही यूपी अध्यक्ष अजय राय को अखिलेश यादव की साइकिल को हैंडल झुकी रेस बाइक बनाने का एसाइनमेंट दिया होगा !
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