फार्मेसिस्ट से CMO ने की बदसलूकी, पत्नी ने Video जारी कर CM से लगाई गुहार

जुबिली स्पेशल डेस्क

लखनऊ। रविवार को सीएमओ की ओर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमुनिया पर निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट से बदसलूकी करने का मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। इस मामले में फार्मासिस्ट की पत्नी ने सीएमओ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

स्थानीय मीडिया की माने तो मामला 24 जुलाई का है जब सीएमओ डॉ. आलोक कुमार ने जमुनिया पीएचसी पर निरीक्षण के दौरान वहां पर तैनात फार्मासिस्ट अमरीश बाजपेई के साथ बदसलूकी की थी। सीएमओ डॉ. आलोक कुमार ने सारी हदे पार करते हुए फार्मासिस्ट अमरीश बाजपेई जूता से मारने की धमकी दी थी। इस पूरे मामले पर फार्मासिस्ट की पत्नी साधना बाजपेई काफी परेशान हैं और पति की चिंता सता रही है।

फार्मासिस्ट की पत्नी साधना बाजपेई का वीडियो भी सामने आया है। उन्होंने इस वीडियो में कहा है कि सीएमओ ने जूता से मारने की धमकी दी थी। फार्मासिस्ट अमरीश बाजपेई काफी मानसिक तनाव में आ गए और बेहोश तक हो गए। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडयो में देखा जा सकता है कि फार्मासिस्ट अमरीश बाजपेई बेहोश हो गए है और अस्पताल के लोग संभाल रहे हैं। हालांकि जुबिली पोस्ट इस तरह के वीडियो की पुष्टि  नहीं करता है।

 

फार्मासिस्ट काफी आहत है और आत्महत्या करने की बात कह रहे हैं। पत्नी ने जिले के पदाधिकारियों के पास घटना को लेकर एक वीडियो भेजी है। वीडियो में कहा गया है कि सीएमओ ने उनके पति के साथ सभी हदों को तोडक़र बदसलूकी की है।

इससे पति आहत है और जान देने की बात कह रहे हैं। इतना ही नहीं उन्होंने सूबे के मुख्यमंत्री से फौरन इस मामले में दखल देने की गुहार लगायी है। यदि शासन प्रशासन इसमें सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पा रहा तो पति का सीतापुर तबादला कर दिया जाए। उसके पति पीलीभीत में ऐसे अधिकारी के साथ काम नहीं कर सकते हैं और उनकी जिंदगी सुरक्षित नहीं है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

क्या है पूरा मामला

आरोप है कि सीएमओ डा.आलोक कुमार रविवार को निरीक्षण करने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमुनिया पहुंचे थे। उन्होंने फार्मासिस्ट अमरीश वाजपेयी के साथ अभद्र व्यवहार किया। गलत भाषा का प्रयोग करते हुए लताड़ा। बदसुलूकी से आहत होकर फार्मासिस्ट ने आत्महत्या की चेतावनी दी है।

फार्मासिस्ट का कहना है कि पूरी नौकरी में आज तक किसी ने इस तरह अपमानित नहीं किया जिस तरह सीएमओ ने किया। उन्हें मानसिक रूप से काफी कष्ट पहुंचा है। वह रविवार से अवसाद की स्थिति में चले गए हैं और खुद को कमरे में बंद कर लिया है। दोपहर बाद वह बिना बताए पीएचसी से चले गए व फोन बंद कर लिया।

वही कथित मामले पर विभागीय संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। पूरे मामले पर डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप बडोला ने रिपोर्ट मांगी है। पीड़ित फार्मासिस्ट ने आत्महत्या की चेतावनी दी है। डिप्लोमा फार्मासिस्ट राजपत्रित अधिकारी एसोसिएशन के जिला मंत्री मुकेश चंद्र ने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उत्तर प्रदेश को पत्र भेजकर मामले से अवगत कराया है।

 

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