अफगानिस्तान पर थी चीन की नज़र, तालिबान ने ऐसे तोड़ दिया सपना

जुबिली न्यूज़ ब्यूरो

नई दिल्ली. बीस साल तक अफगानिस्तान में रहने के बाद अमरीकी सेना वापस लौट गई है. अमरीकी सेना के अफगानिस्तान छोड़कर जाने के फैसले के समय ही चीन की गिद्ध दृष्टि अफगानिस्तान की तरफ उठ गई थी लेकिन अब तालिबान ने यह कहकर रूस और चीन दोनों को चौंका दिया है कि अफगानिस्तान के 85 फीसदी हिस्से पर उसका कब्ज़ा है.

अफगानिस्तान के अधिकारियों ने भी यह स्वीकार किया है कि ईरान की सीमा पर बसा क़स्बा इस्लाम खाला, तुर्कमेनिस्तान से लगा तोरघुंडी क़स्बा अब तालिबान के कब्ज़े में है. इस्लाम खाला और तोरघुंडी अफगानिस्तान के हेरात राज्य में हैं.

तालिबान के एलान और अफगानिस्तान के अधिकारियों की स्वीकारोक्ति के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि अफगानिस्तान में चीन, तजाकिस्तान, पाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और ईरान सीमा पर तालिबान पूरी तरह से काबिज़ है.

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जानकारी मिली है कि अफगानिस्तान सरकार के अधिकारियों और तालिबान का एक प्रतिनिधिमंडल रूस पहुँच गया है. वहां दोनों के बीच बातचीत होगी और दोनों ही पुतिन को यह भरोसा दिलाएंगे कि अगर वह सत्ता में आये तो रूस और मध्य एशिया में कोई खतरा नहीं होगा.

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