लाल ग्रह की सतह पर चीन ने उतारा रोवर

जुबिली न्यूज डेस्क

आखिरकार चीन ने लाल ग्रह की सतह पर रोबोटिक रोवर उतार ही दिया। अब चीन ऐसा पहला देश बन गया है जो लाल ग्रह (मंगल ग्रह) पर पहली ही बार में अपने मंगल अभियान के दौरान उसकी कक्षा में गया और अंतरिक्ष यान को सफलतापूर्वक उतारने के बाद वहां काम में भी लग गया।

चीन के सरकारी अखबार द ग्लोबल टाइम्स ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी है। ट्विटर पर द ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है-चीन दुनिया में ऐसा दूसरा देश है जिसने मंगल ग्रह की सतह पर ऐसा करने में सफलता पाई है।

ज़ूरॉन्ग नामक इस रोवर के विशेषज्ञों ने ग्लोबल टाइम्स को जानकारी देते हुए अमेरिका पर तंज भी कसा है। उन्होंने कहा है कि इसके साथ ही चीन ने अमेरिका के एकाधिकार को भी समाप्त कर दिया है।

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ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि चीन के समयानुसार शनिवार को सुबह 10:40 बजे मंगल अंतरिक्ष अभियान के लैंडर से ज़ूरॉन्ग रोवर निकला और अब इसने रोविंग मिशन भी शुरू कर दिया है।

ज़ूरॉन्ग नाम एक पौराणिक कथा से लिया गया है जिसमें यह आग के भगवान का नाम होता है। फिलहाल चीन इस महीने अमेरिका के बाद ऐसा दूसरा देश बन गया था जिसने मंगल पर सफलतापूर्वक अपना अंतरिक्षयान उतारा था।

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हालांकि, सोवियन यूनियन ने 1971 में एक यान वहां उतारा था लेकिन कुछ ही सेकंड बाद उससे संपर्क टूट गया था।

क्या है चीन का मंगल ग्रह अभियान?

ज़ूरॉन्ग 240 किलोग्राम वजन का रोवर है जिसमें छह वैज्ञानिक उपकरण लगे हैं। इसमें हाई-रिजोल्यूशन टोपोग्राफी कैमरा भी शामिल है। यह रोवर मंगल ग्रह की जमीन और वातावरण का अध्ययन करेगा।

सौर ऊर्जा से चलने वाला ज़ूरॉन्ग मंगल पर जीवन के चिन्ह भी ढूंढेगा जिसमें पानी और बर्फ की तलाश भी शामिल है। इसका अभियान 90 दिनों का होगा।

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चीन के मानवरहित तियानवेन-1 अंतरिक्ष यान पिछले साल जुलाई में दक्षिणी चीन द्वीप के हैनाम में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था लेकिन फिर इसको शुरू किया गया और छह महीने बाद फरवरी में तियानवेन-1 लाल ग्रह की कक्षा में पहुंचा।

15 मई को तियानवेन-1 से लैंडिंग यान लाल ग्रह की सतह पर उतरा और बुधवार को रोवर ने मंगल के सहत की पहली तस्वीर भेजी थी।

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