जुबिली न्यूज डेस्क
नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच जारी सीमा तनाव के बीच एक नई सैटेलाइट इमेज से अहम खुलासा हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन ने पूर्वी लद्दाख की पैंगोंग झील के पास HQ-16 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम तैनात किया है। यह सिस्टम दुश्मन के हवाई लक्ष्यों को 40 से 70 किलोमीटर की दूरी से नष्ट करने की क्षमता रखता है।

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने इस तैनाती को रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना है और इलाके में गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
सैटेलाइट इमेज से मिली पुख्ता जानकारी
नवीनतम सैटेलाइट इमेजरी में साफ तौर पर HQ-16 की TEL (Transporter Erector Launcher) यूनिट्स को देखा गया है। इस तरह की तैनाती से यह संकेत मिलता है कि चीन लद्दाख सेक्टर में अपनी एयर डिफेंस क्षमता को मजबूत कर रहा है, जिससे क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है।
HQ-16 क्या है और क्यों है ख़ास?
HQ-16 एक मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली (MR-SAM) है, जिसे चीन ने रूस के BUK मिसाइल सिस्टम की तकनीक के आधार पर विकसित किया है।
मुख्य विशेषताएँ:
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रेंज: 40 से 70 किमी (वर्ज़न पर निर्भर)
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लक्ष्य: फाइटर जेट, हेलिकॉप्टर, क्रूज मिसाइल, ड्रोन, प्रिसिजन गाइडेड म्यूनिशन
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ट्रैकिंग: 3D रडार के जरिए कई लक्ष्यों को एक साथ ट्रैक और इंटरसेप्ट करने की क्षमता
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लॉन्च सिस्टम: मोबाइल TEL यूनिट्स पर आधारित, जिससे तेज़ी से तैनात किया जा सकता है
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ECCM क्षमता: दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग को बेअसर करने में सक्षम
यह सिस्टम अचानक होने वाले हवाई हमलों के प्रति तुरंत प्रतिक्रिया देने में सक्षम है और इसे कमांड नेटवर्क के साथ एकीकृत भी किया जा सकता है।
भारत के लिए चिंता की वजह?
चीन की यह तैनाती पैंगोंग झील के पास की गई है, जो भारत-चीन सीमा विवाद का संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। यह इलाका पहले ही 2020 के गलवान संघर्ष के बाद से तनावपूर्ण बना हुआ है। HQ-16 की तैनाती को विशेषज्ञ भारत पर रणनीतिक दबाव बढ़ाने की कोशिश मानते हैं।
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भारतीय सुरक्षा एजेंसियां इस डेवलपमेंट को बेहद गंभीरता से ले रही हैं और सभी गतिविधियों पर हाई अलर्ट मोड में नजर रखी जा रही है।
चीन द्वारा पैंगोंग झील के पास HQ-16 जैसे एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती, भारत के लिए सुरक्षा और रणनीतिक दृष्टिकोण से एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है। आने वाले दिनों में भारत की प्रतिक्रिया और तैयारियाँ इस क्षेत्र में नई दिशा तय कर सकती हैं।
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