जुबिली न्यूज डेस्क
बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार और हिलसा विधायक कृष्ण मुरारी उर्फ प्रेम मुखिया पर उस वक्त ग्रामीणों ने हमला कर दिया, जब वे एक भीषण सड़क हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने नालंदा जिले के मलावां गांव पहुंचे थे। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि मंत्री को करीब एक किलोमीटर तक पैदल भागकर जान बचानी पड़ी। इस हमले में मंत्री के सुरक्षाकर्मी और समर्थक घायल हो गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
कुछ दिन पहले पटना के शाहजहांपुर थाना क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे में 9 लोगों की मौत हुई थी। मृतकों में मलावां गांव के भी लोग शामिल थे। उसी सिलसिले में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार और स्थानीय विधायक प्रेम मुखिया पीड़ित परिवारों से मिलने गांव पहुंचे थे।
जैसे ही उनका कार्यक्रम समाप्त हुआ और मंत्री सामने आए, गुस्साए ग्रामीणों ने अचानक हमला बोल दिया। सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह मंत्री को भीड़ से बाहर निकाला, लेकिन हमले में एक सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए हिलसा अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मंत्री को पैदल भागना पड़ा
हमले की स्थिति इतनी खराब हो गई कि मंत्री को अपनी गाड़ी तक पहुंचने का भी मौका नहीं मिला। करीब एक किलोमीटर तक पैदल दौड़ते हुए उन्होंने खुद को बचाया। इस दौरान कई बॉडीगार्ड और समर्थक घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
इलाके में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
घटना के बाद मलावां गांव और आसपास के क्षेत्रों में तनाव का माहौल है। एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और मौके पर मौजूद वीडियो फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान की जा रही है।
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मंत्री श्रवण कुमार और विधायक प्रेम मुखिया पर ग्रामीणों का हमला
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एक सिपाही घायल, अस्पताल में भर्ती
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मंत्री को पैदल भागकर बचानी पड़ी जान
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घटना के बाद इलाके में तनाव, पुलिस तैनात
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वीडियो के आधार पर हमलावरों की पहचान जारी