जुबिली स्पेशल डेस्क
पाकिस्तान ने सीजफायर समझौते का उल्लंघन करते हुए अफगानिस्तान में आधी रात को 7 अलग-अलग स्थानों पर हवाई हमले किए। बताया जा रहा है कि पहला हमला पक्तिका प्रांत के बारमाल इलाके में स्थित एक मदरसे पर हुआ, जिसमें कई धार्मिक किताबें जलकर नष्ट हो गईं।
हमलों के बाद अफगान तालिबान प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और पाकिस्तान को जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

CNN-News18 ने तालिबान नेतृत्व के करीबी सूत्रों के हवाले से बताया है कि इन हमलों से सीमा पर तनाव में तेज वृद्धि की आशंका है। सूत्रों के अनुसार, पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी अफगानिस्तान में की गई इस कार्रवाई में कम से कम 28 तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के लड़ाके मारे गए हैं।
‘तालिबान को जवाबी कार्रवाई का पूरा अधिकार’
अफगान तालिबान के एक करीबी सूत्र ने कहा कि हमलों से हुए नुकसान की विस्तृत जांच की जा रही है। उन्होंने पाकिस्तान पर अफगान संप्रभुता और हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
सूत्र के मुताबिक, “पाकिस्तान ने अफगान हवाई सीमा का अतिक्रमण किया है। तालिबान को जवाबी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है और उचित समय पर पलटवार किया जाएगा।”
हमलों के बाद तालिबान के वरिष्ठ नेताओं ने आपात परामर्श बैठकें बुलाई हैं। शीर्ष नेतृत्व ने काबुल और कंधार में स्थिति की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बैठकें कीं। तालिबान ने पाकिस्तान पर मौजूदा समझौतों और युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
सूत्र ने कहा, “हम सऊदी अरब, कतर और तुर्किये सहित सभी मध्यस्थ देशों को घटनाक्रम की जानकारी दे रहे हैं।”
पाकिस्तान का पक्ष
वहीं, पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि सीमा पार की गई कार्रवाई का लक्ष्य आतंकवादी ढांचे को नष्ट करना था। उनके अनुसार पक्तिका, पक्तिया, नंगरहार और खोस्त प्रांतों में सटीक हमलों के जरिए आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया गया।
रविवार तड़के किए गए इन हवाई हमलों में डूरंड लाइन के आसपास स्थित कई ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के संदिग्ध अड्डों पर भी कार्रवाई की।
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